UIDAI Mandatory Rules For Kids Aadhaar Card: आधार कार्ड भारत में पहचान का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है, जो हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य है। खासतौर पर बच्चों के लिए यह और भी जरूरी हो जाता है, क्योंकि उनके पहचान संबंधी दस्तावेजों में समय-समय पर अपडेट करना आवश्यक होता है।
अगर आपके घर में 5 या 15 साल के बच्चे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चों के आधार कार्ड में सही और अपडेटेड जानकारी न होने पर कई दिक्कतें आ सकती हैं, जैसे सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना या पहचान में समस्या।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने बताया है कि अब तक देशभर में 1 करोड़ से ज्यादा बच्चों के आधार कार्ड में आवश्यक अपडेट करवा लिए गए हैं। इस प्रक्रिया को समय से न कराने पर बच्चे के आधार कार्ड की वैधता प्रभावित हो सकती है। आइए आपको इसकी पूरी जानकारी देते हैं।
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बच्चों के आधार अपडेट की जरूरी जानकारी
- फोटो : Adobe stock
क्या है ये जरूरी अपडेट
अगर आपके घर में भी 5 या 15 साल के बच्चे हैं तो तत्काल आधार कार्ड में उनका बायोमेट्रिक अपडेट करा लें।
UIDAI द्वारा तय की गई उम्र के अंदर बायोमेट्रिक अपडेट नहीं होने की स्थिति में बच्चे का आधार कार्ड आगे चलकर निष्क्रिय हो सकता है।
UIDAI ने इस प्रक्रिया के लिए माता-पिता से नियमों का पालन करने की अपील की है।
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कितने चरणों में पूरी होती है ये प्रक्रिया
बायोमेट्रिक अपडेट में बच्चे की नई फोटो, फिंगरप्रिंट और आंखों की स्कैनिंग आधार कार्ड में एड किया जाता है।
ये प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होती है।
इसका पहला अपडेट 5 साल और दूसरा अपडेट 15 साल की उम्र में किया जाता है।
15 साल वाला अपडेट फाइनल माना जाता है, जो हमेशा के लिए वैध होता है।
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बच्चों के आधार अपडेट की जरूरी जानकारी
- फोटो : Amar Ujala
बायोमेट्रिक अपडेट नहीं किया तो क्या होगा ?
यदि समय पर यह अपडेट नहीं कराया गया तो बच्चे का आधार गलत जानकारी वाला रह जाएगा।
इससे सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना, पहचान में समस्या और भविष्य में दस्तावेजों को मान्यता न मिलने जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
स्कूल दाखिले, बैंक खाता खुलवाने या अन्य पहचान के कामों में भी दिक्कतें आ सकती हैं।