titanic submarine missing
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सफर की शुरुआत के बाद 14 अप्रैल के दिन टाइटैनिक एक बड़े आइसबर्ग के पास पहुंचता है। हालांकि, इस बड़े हिमखंड को लेकर जहाज के कैप्टन को चेतावनी दी गई, जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने सोचा कि जहाज काफी बड़ा है और वह सुरक्षित आगे निकल जाएगा। हालांकि, चेतावनी आने के कुछ समय बाद ही यह जहाज उस बड़े हिमखंड से जा टकराया। इसके बाद देखते ही देखते कभी न डूबने वाला यह जहाज उत्तरी अटलांटिक महासागर में दफन हो गया। सदी के इस सबसे बड़े हादसे में करीब 1500 लोगों की जानें चली गईं। इस हैरतअंगेज घटना होने के बाद कई सालों तक समुद्र में दफन इस जहाज के मलबे को खोजने की कोशिश की गई। हालांकि, इस बड़ी दुर्घटना के 75 साल होने के बाद 1 सितंबर, 1985 को टाइटैनिक के मलबे को दोबारा ढूंढने में सफलता मिली।