रूस-यूक्रेन युद्ध एक गंभीर मोड़ ले चुका है। ये युद्ध आने वाले समय में विश्व को एक नए सिरे से परिभाषित करने का काम करेगा। रूसी सेना यूक्रेन की राजधानी कीव की घेराबंदी करने में लगी हुई है। हालांकि, यूक्रेन की तरफ से रूस को कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में ये युद्ध हर समय एक नया मोड़ लेता जा रहा है। रूस की इस सैन्य कार्रवाई के बाद यूनाइटेड किंगडम बड़े स्तर पर रूस को स्विफ्ट बैंकिंग प्रणाली से बाहर निकालने की अगुवाई कर रहा है। इसके अलावा यूक्रेन समेत कई पश्चिमी देश इस बात का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं कि रूस को स्विफ्ट बैंकिंग प्रणाली से बाहर किया जाना चाहिए। यही एक बड़ी वजह है, जिसके चलते रूस के कुछ बैंकों को स्विफ्ट बैंकिंग प्रणाली से बाहर निकाल दिया गया है। इसी वजह से रूसी मुद्रा रूबल में एक बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि, अभी रूस को पूरी तरह से स्विफ्ट बैंक प्रणाली से बाहर नहीं निकाला गया है। अगर रूस को स्विफ्ट बैंक से बाहर निकाला जाता है, तो ये उसके ऊपर एक फाइनेंशियल न्यूक्लियर अटैक होगा, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट हो सकती है। इसी कड़ी में आज हम आपको बताएंगे कि क्या है स्विफ्ट बैंक और इससे बाहर निकाले जाने पर रूस की अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?