सोलर पैनल लगते ही बिजली बिल होगा जीरो?
- फोटो : Twitter
किलोवाट से क्या पता चलता है?
सोलर सिस्टम की किलोवाट क्षमता यह बताती है कि उसके पैनल कितनी बिजली पैदा करने की क्षमता रखते हैं। बाजार में 1, 2, 3, 5 और 10 किलोवाट जैसे अलग-अलग सिस्टम उपलब्ध होते हैं। सिस्टम की क्षमता जितनी होगी, उसकी बिजली उत्पादन की क्षमता भी उसी हिसाब से होगी। सोलर पैनल सूरज की रोशनी को DC बिजली में बदलते हैं। हालांकि वास्तविक बिजली उत्पादन सिर्फ सिस्टम के किलोवाट पर निर्भर नहीं करता। धूप कितनी तेज है और कितनी देर तक मिल रही है, इसका भी उत्पादन पर असर पड़ता है।