Prevent Smartwatch Overheating: भीषण गर्मी के मौसम में इंसान तो परेशान हैं हीं, साथ ही इसका असर गैजेट्स पर भी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश से एक हैरान करने वाली खबर आई है कि एक बच्चे के कलाई में ही स्मार्टवॉच ब्लास्ट हो गया है। आइए समझते हैं कि कब ऐसी घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है।
Smartwatch Blast MP: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में हाल ही में एक बच्चे की कलाई पर बंधी स्मार्टवॉच में अचानक हुए ब्लास्ट ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। खेल-कूद के दौरान हुई इस घटना में बच्चा बाल-बाल बच गया, लेकिन उसकी कलाई बुरी तरह झुलस गई। आजकल बच्चों में स्मार्टवॉच और गेमिंग गैजेट्स का क्रेज बढ़ रहा है, लेकिन सुरक्षा नियमों की अनदेखी इन्हें 'बम' बना सकती है।
अक्सर लोग सस्ते और बिना ब्रांड वाली स्मार्टवॉच खरीद लेते हैं, जिनमें लगी बैटरी की गुणवत्ता अच्छी नहीं होती है। नर्मदापुरम जिले की घटना हमें सबक देती है कि तकनीक का इस्तेमाल सावधानी और सही जानकारी के साथ ही करना चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
विज्ञापन
2 of 5
स्मार्ट वॉच कब ब्लास्ट होता है?
- फोटो : FREEPIK
स्मार्टवॉच में ब्लास्ट होने की क्या है वजह?
सस्ती घड़ियों में इस्तेमाल होने वाली लो-क्वालिटी लिथियम-आयन बैटरी दबाव या गर्मी झेल नहीं पाती और फट जाती है।
पसीने या पानी के वॉच के अंदर जाने से इंटरनल शॉर्ट सर्किट हो सकता है, जिससे बैटरी गर्म होकर ब्लास्ट कर देती है।
बच्चों की घड़ियों को घंटों तक चार्ज पर छोड़ देना बैटरी को फुला देता है, जो एक बड़े खतरे का संकेत है।
खेलते समय घड़ी पर लगी चोट बैटरी की अंदरूनी परतों को नुकसान पहुंचा सकती है, जिसकी वजह से घड़ी फटने का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
3 of 5
स्मार्ट वॉच कब ब्लास्ट होता है?
- फोटो : FREEPIK
हादसे से पहले मिलने वाले चेतावनी संकेत
अगर पहनने के दौरान घड़ी की स्क्रीन या पिछला हिस्सा बहुत ज्यादा गर्म महसूस हो, तो उसे तुरंत उतार दें।
अगर घड़ी की बॉडी या स्क्रीन थोड़ी उभरी हुई दिखे, तो समझ लें कि बैटरी खराब हो चुकी है।
घड़ी से प्लास्टिक जलने या किसी केमिकल जैसी महक आने पर उसका इस्तेमाल बंद कर दें।
अचानक स्क्रीन का काला होना या झिलमिलाना अंदरूनी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।
4 of 5
स्मार्ट वॉच कब ब्लास्ट होता है?
- फोटो : FREEPIK
बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?
बच्चों के लिए हमेशा नामी और विश्वसनीय कंपनियों की ही स्मार्टवॉच खरीदें, जो सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती हों।
रात को सोते समय बच्चों को घड़ी पहनकर न सोने दें, ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में बचाव हो सके।
हमेशा घड़ी के साथ मिले ओरिजिनल चार्जर का ही उपयोग करें और किसी भी मोबाइल एडाप्टर से चार्ज न करें।
भले ही घड़ी वाटरप्रूफ हो, फिर भी उसे नहाते समय या स्विमिंग के दौरान उतार देना ही सुरक्षित रहता है।