हालांकि, ध्यान देने वाली बात है कि सुविधा, उपयोग और बजट के आधार पर दोनों विकल्पों के अपने फायदे और नुकसान हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो कंपनियां अलग-अलग ग्राहकों को ध्यान में रखकर पैकेजिंग तैयार करती हैं। छोटे पाउच उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प होते हैं, जो एक बार में ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते।
वहीं बोतल वाले पैक आसान स्टोरेज के कारण पसंद किए जाते हैं। कई बार बोतलों में मिलने वाले ऑफर्स, कॉम्बो पैक और डिस्काउंट कीमत को संतुलित भी कर देते हैं। सामान्य परिस्थितियों में छोटे सैशे का प्रति उपयोग खर्च कम निकल सकता है। ध्यान देने वाली बात है कि कीमत देखकर फैसला लेना हमेशा सही नहीं माना जाता।
छोटे पाउच बार-बार खरीदने पड़ते हैं। कई लोग इस बारे में भी कहते हैं कि सैशे में बचा हुआ थोड़ा-बहुत शैंपू पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाता। इस्तेमाल के बाद वह कई बार नीचे भी गिर जाता है। वहीं बोतल से प्रोडक्ट निकालना ज्यादा आसान रहता है। अगर आप कम बजट में खरीदारी करना चाहते हैं और कम मात्रा में शैंपू इस्तेमाल करते हैं, तो इस स्थिति में आपके लिए छोटे पाउच बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।
शैंपू की खरीदारी करने से पहले प्रति मिलीलीटर कीमत, ऑफर्स और अपनी जरूरत का हिसाब जरूर लगाना चाहिए। सही तुलना करने से आप इस बारे में आसानी से समझ सकेंगे कि कौन सा पैक आपकी जेब और जरूरत दोनों के लिए सबसे सही है।