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Know Your Rights: घर में गार्ड रखने के बाद भी हो जाए चोरी तो किसकी होती है जिम्मेदारी? समझें कानूनी दांव-पेंच

Tue, 12 May 2026 07:32 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Private Security Agencies Act: अक्सर लोग अपनी घर की सुरक्षा के लिए सेक्योरिटी गार्ड रखते हैं। बहुत से लोगों के मन में सवाल होता है कि अगर सेक्योरिटी गार्ड के होते हुए भी घर में चोरी हो जाए तो ये किसकी जिम्मेदारी होती है। आइए इस लेख में इसी कानूनी दांव-पेंच के बारे में समझते हैं।
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सिक्योरिटी गार्ड - फोटो : AI
Security Guard Liability Laws: अक्सर लोग अपने घर की सुरक्षा के लिए प्राइवेट सेक्योरिटी गार्ड तैनात करते हैं। जब घर पर गार्ड रहता है तो अक्सर यह माना जाता है कि घर पर चोर नहीं हो सकती है। मगर कई बार सेक्योरिटी गार्ड से भी चूक होती है, जिसकी वजह से घर में चोरी हो जाती है या कुछ गायब हो जाता है। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में सवाल होता है कि ऐसी स्थिति में कानूनी रूप से ये किसकी जिम्मेदारी होती है। 

देखा जाए यह एक जटिल सवाल है, इसलिए आइए इस लेख में इसी सवाल का जबाव समझते हैं। आम इंसान के लिए इन कानूनी बारीकियों को समझना बेहद जरूरी है ताकि वे सही समय पर सही कदम उठा सकें और न्याय पा सकें। अगर घर के सामने गार्ड होने पर भी चोरी हो जाए तो दोष किसका होगा ये इस बात पर निर्भर करता है कि सुरक्षा एजेंसी और आपके बीच क्या लिखित समझौता हुआ है।
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सुरक्षा एजेंसी की कानूनी जिम्मेदारी - फोटो : Adobe Stock
सुरक्षा एजेंसी की कानूनी जिम्मेदारी
  • अगर सुरक्षा एजेंसी और आपके बीच लिखित समझौता है, तो चोरी होने पर एजेंसी 'लापरवाही' के लिए उत्तरदायी होगी।
  • उपभोक्ता फोरम के अनुसार, अगर गार्ड ड्यूटी के दौरान सो रहा था या तैनात नहीं था, तो इसे 'सेवा में कमी' माना जाता है।
  • पीड़ित व्यक्ति या सोसाइटी, सुरक्षा एजेंसी से चोरी हुए सामान की भरपाई या हर्जाने की मांग कानूनी रूप से कर सकती है।
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हाउसिंग सोसाइटी और प्रबंधन की भूमिका - फोटो : Adobe Stock
हाउसिंग सोसाइटी और प्रबंधन की भूमिका
  • अगर सोसाइटी ने गार्ड रखा है और उसने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया, तो प्रबंधन समिति पर सवाल उठाए जा सकते हैं।
  • अगर गेट पर आने-जाने वालों का रिकॉर्ड सही नहीं रखा गया, तो यह प्रबंधन की लापरवाही मानी जाएगी।
  • हालांकि, अधिकांश मामलों में सोसाइटी अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए अनुबंध में पहले ही 'नॉन-लायबिलिटी' क्लॉज जोड़ देती है।

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गार्ड के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और एफआईआर - फोटो : AI
गार्ड के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और एफआईआर
  • चोरी होने पर सबसे पहले धारा 305 (बीएनएस) के तहत एफआईआर दर्ज कराना जरूरी है।
  • अगर पुलिस जांच में गार्ड की संलिप्तता पाई जाती है, तो उस पर आपराधिक मामला चलता है।
  • अगर एजेंसी ने गार्ड का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया है, तो एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
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आम नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां - फोटो : Adobe Stock
आम नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
 
  • हमेशा रजिस्टर्ड एजेंसी से ही गार्ड लें और एग्रीमेंट में चोरी की स्थिति में जिम्मेदारी का क्लॉज जरूर डलवाएं।
  • अपने घर या सोसाइटी में तैनात गार्ड का आधार कार्ड और पुलिस वेरिफिकेशन रिकॉर्ड खुद भी चेक करें।
  • कानूनी लड़ाई लंबी हो सकती है, इसलिए कीमती सामान और घर का इंश्योरेंस कराना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
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