फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Zero Balance Account: क्या 'जीरो बैलेंस' वाले अकाउंट को खाली छोड़ने पर बैंक पेनाल्टी लगा सकता है? जानें नियम

Sun, 31 May 2026 08:28 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hidden Charges in Zero Balance Bank: अक्सर ये देखने को मिलता है कि जो लोग जिरो बैलेंस पर खाता खुलवाते हैं वो पूरी तरह निश्चिंत रहते हैं कि उनके खाते से कोई पैसा कट ही नहीं सकता है। मगर आपको बता दें कि जिरो बैलेंस वाले खाते में भी कुछ चीजों के चार्जेस कटते हैं। आइए इसी के बारे में समझते हैं।
विज्ञापन
1 of 5
जिरो बैलेंस अकाउंट में कटने वाले हिडेन चार्ज - फोटो : AI
Zero Balance Account Penalty Rules: आज के समय में बहुत से लोग यह सोचकर 'जीरो बैलेंस' सेविंग्स अकाउंट खुलवा लेते हैं कि इसमें कभी भी न्यूनतम राशि रखने का झंझट नहीं होगा। आम इंसान को लगता है कि इस खाते में एक भी रुपया न होने पर या इसे महीनों तक खाली छोड़ने पर बैंक कोई पेनाल्टी नहीं लगा सकता। लेकिन क्या वाकई ऐसा है? 

भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, जीरो बैलेंस खातों पर पेनल्टी लगाने को लेकर कुछ बेहद महत्वपूर्ण और छिपे हुए नियम तय किए गए हैं, जिनकी जानकारी ज्यादातर खाताधारकों को नहीं होती। कई बार लोग अनजाने में इन नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे उन्हें बाद में नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए आइए इस लेख में विस्तार से समझते हैं कि क्या वाकई जीरो बैलेंस होने पर बैंक आपके खाते से पैसे काट सकता है और आरबीआई के वो छिपे हुए नियम क्या हैं।
विज्ञापन

2 of 5
बैंक लॉकर का इंश्योरेंश - फोटो : Adobe Stock
क्या जीरो बैलेंस होने पर बैंक सच में जुर्माना लगा सकता है?
  • रिजर्व बैंक के अनुसार, बुनियादी बचत खाते या जीरो बैलेंस अकाउंट में पैसा न होने पर बैंक कोई पेनाल्टी नहीं लगा सकता।
  • अगर आपके खाते में शून्य राशि है, तो बैंक मिनिमम बैलेंस न रखने के नाम पर आपके बैलेंस को माइनस में नहीं डाल सकता।
  • ध्यान रहे, अगर आपका सैलरी अकाउंट है और 3 महीने तक उसमें सैलरी नहीं आई, तो वह साधारण खाते में बदल जाता है और फिर उस बैंक के जनरल सेविंग अकाउंट के सारे नियम लागू होने लगते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
बैंक - फोटो : Adobe Stock
महीनों तक खाता खाली रखने पर क्या कदम उठाता है बैंक?
  • अगर आप अपने जीरो बैलेंस अकाउंट से लगातार 12 महीनों (1 साल) तक कोई लेन-देन नहीं करते हैं, तो बैंक उसे 'इनएक्टिव' घोषित कर देता है।
  • अगर यह अवधि बढ़कर 24 महीने (2 साल) हो जाती है, तो खाता 'डॉर्मेंट' यानी पूरी तरह इनएक्टिव कर दिया जाता है, जिससे लेन-देन बंद हो जाता है।
  • खाता इनएक्टिव होने के बाद भी आप उसमें पैसे जमा कर सकते हैं, लेकिन पैसे निकालने के लिए आपको दोबारा केवाईसी करानी होगी।

4 of 5
बैंक लोन - फोटो : Freepik
अपने जीरो बैलेंस खाते को सुरक्षित रखने के उपाय
  • साल में कम से कम एक या दो बार इस खाते से ₹10 या ₹50 का डिजिटल ट्रांसफर या रिचार्ज जरूर कर लें ताकि खाता हमेशा चालू रहे।
  • अगर आपका खाता वर्षों से बंद पड़ा है, तो नजदीकी ब्रांच में अपना आधार या पैन कार्ड ले जाकर री-केवाईसी फॉर्म भरें और इसे दोबारा एक्टिवेट कराएं।
  • अगर आपके पास कई जीरो बैलेंस खाते हैं जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते, तो उन्हें खुला छोड़ने के बजाय बैंक जाकर हमेशा के लिए बंद करवा देना ही समझदारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बैंक - फोटो : Adobe Stock
जीरो बैलेंस खातों पर लगने वाले हिडेन चार्ज
  • जिरो बैलेंस अकाउंट पर भले ही मिनिमम बैलेंस का चार्ज न लगे, लेकिन बैंक सालाना एटीएम या डेबिट कार्ड मेंटेनेंस फीस के नाम पर आपके खाते से पैसे काट सकता है।
  • तय सीमा से ज्यादा बार चेक बुक लेने या बैंक ब्रांच से फिजिकल स्टेटमेंट निकलवाने पर आपको अलग से यूटिलिटी फीस देनी होगी।
  • बैंक द्वारा मोबाइल पर भेजे जाने वाले जरूरी मैसेजेस के लिए हर तिमाही (3 महीने) में एक निश्चित एसएमएस चार्ज वसूला जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें