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RBI Repo Rate Hike: आरबीआई ने की Repo Rate की दरों में बढ़ोतरी, जानिए क्या होगा इसका आपकी ईएमआई पर असर

Fri, 05 Aug 2022 05:22 PM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Why RBI Hike Repo Rate During High Infaltion - फोटो : Istock
RBI Repo Rate Hiked: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में रेपो रेट की दरों में आधा प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। आरबीआई के इस फैसले के बाद आने वाले समय में कर्ज की दरों में भी बढ़ोतरी होना तय है। रेपो रेट में वृद्धि होने के बाद अब नई दरें 5.40 प्रतिशत हो गई हैं। आरबीआई के इस कदम का सीधा असर बैंक के ग्राहकों पर होगा। इस फैसले के बाद लोन की ईएमआई की दरों में भी बढ़ोतरी होगी। वहीं इससे पहले आरबीआई ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए रेपो रेट की दरों में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की थी।

क्या होता है रेपो रेट

रेपो रेट से तात्पर्य उन दरों से है, जिस पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, बैंकों को कर्ज देता है। बैंकों को कर्ज के रूप में जो ये राशि मिलती है। उससे वह अपने ग्राहकों को लोन ऑफर करते हैं। आरबीआई जब भी रेपो रेट को बढ़ाता है। उस दौरान ग्राहकों को मिलने वाले कर्ज की दरें भी महंगी हो जाती हैं। इसी कड़ी में आइए जानते हैं कि आरबीआई द्वारा दोबारा बढ़ाई गई रेपो रेट की दरों का आपके लोन की ईएमआई पर क्या असर होगा?

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Why RBI Hike Repo Rate During High Inflation - फोटो : Istock
आरबीआई ने रेपो रेट की दरों में बढ़ोतरी मुद्रा के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए किया है। रेपो रेट बढ़ने की वजह से बैंक महंगी दरों पर रिजर्व बैंक से लोन लेंगे। इस कारण बैंकों द्वारा ग्राहकों के लिए महंगी दरों पर लोन को जारी किया जाएगा।
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RBI Repo Rate Hiked - फोटो : Istock
इसका सीधा असर लोन की ईएमआई पर पड़ेगा। पहले के मुकाबले ग्राहकों को अधिक मात्रा में ईएमआई को चुकाना होगा। अगर आपने फिक्स्ड रेट पर लोन को लिया है। ऐसे में आरबीआई के इस फैसले के बाद आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है।

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RBI Repo Rate Hiked - फोटो : Istock
वहीं अगर आपने वेरिएबल्स रेट की दरों पर लोन लिया है। ऐसे में आपको आरबीआई के इस फैसले के बाद रिव्यू की जरूरत पड़ सकती है।
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RBI Repo Rate Hiked - फोटो : Istock
फिक्स्ड रेट पर लिए गए लोन पर आगे होने वाले उतार-चढ़ाव का असर ब्याज दरों पर नहीं होता है। वहीं वेरिएबल्स रेट, प्रमुख दरों में बदलाव के साथ बदलते रहते हैं। रिजर्व बैंक द्वारा ये संकेत दिया गया है कि अगर आने वाले वक्तों में भी महंगाई नियंत्रित नहीं हुई, तो रेपो रेट को दोबारा बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में आने वाले वक्तों में लोन और भी ज्यादा महंगे हो सकते हैं।
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