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रक्षाबंधन में कुरियर देर से पहुंचने के पीछे कौन-कौन से कारण हो सकते हैं? यहां समझें

Fri, 28 Aug 2026 12:34 AM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Raksha Bandhan Courier Delay: रक्षा बंधन में बहनें कुरियर के माध्यम से भाई को राखी भेजती हैं, भाई भी इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे होते हैं। मगर कई बार ऐसा होता है कि राखी तय समय तक नहीं पहुंच पाती है, आइए इस लेख इसी के बारे में समझते हैं कि किन कारणों से राखी पहुचने में लेट होता है।
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रक्षाबंधन कूरियर देरी - फोटो : AI
Courier Parcel Delay Reasons: रक्षाबंधन का पावन त्योहार आते ही बहनें दूर रहने वाले अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने के लिए देश-विदेश में कूरियर और डाक सेवा के माध्यम से राखियां भेजती हैं। हर बहन की यही ख्वाहिश होती है कि उसकी राखी त्योहार वाले दिन या उससे पहले भाई के पास सुरक्षित पहुंच जाए। 

मगर अक्सर देखा जाता है कि राखी का पार्सल समय पर नहीं पहुंच पाता और त्योहार बीतने के बाद डिलीवर होता है, जिससे त्योहार की खुशी फीकी पड़ जाती है। रक्षाबंधन के दौरान कूरियर में देरी होने के पीछे कई प्रमुख कारण काम करते हैं, जिसके बारे में आपको भी समझना चाहिए।
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रक्षाबंधन - फोटो : freepik
त्योहार के दौरान पार्सल का भारी लोड
  • रक्षाबंधन के आसपास देश भर में लाखों-करोड़ों लोग एक साथ राखियां, मिठाइयां और उपहार कूरियर के जरिए भेजते हैं।
  • अचानक पार्सल की संख्या में 5 से 10 गुना तक की बढ़ोतरी होने से कूरियर कंपनियों के वेयरहाउस और सॉर्टिंग सेंटर्स पूरी तरह भर जाते हैं।
  • इतने बड़े पैमाने पर सामान की छंटाई और प्रोसेसिंग करने में कर्मचारियों को काफी ज्यादा समय लगता है, जिससे डिलीवरी में देरी हो जाती है।
  • आप चाहें तो अपने पार्सल की जानकारी ऑनलाइन चेक करके ले सकते हैं।
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रक्षाबंधन - फोटो : freepik
अधूरा या गलत पता और संपर्क नंबर
  • पार्सल भेजते समय लिफाफे या फॉर्म पर सही और पूरा पता न लिखना कूरियर डिले की सबसे बड़ी वजहों में से एक है।
  • मकान नंबर, गली नंबर, लैंडमार्क या सही पिन कोड न होने पर डिलीवरी बॉय को लोकेशन ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
  • इसके अलावा, अगर प्राप्तकर्ता का फोन नंबर बंद, गलत या आउट ऑफ कवरेज होता है, तो कूरियर वापस सेंटर भेज दिया जाता है।

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मौसम की मार और ट्रांसपोर्टेशन में रुकावट - फोटो : फाइल फोटो
मौसम की मार और ट्रांसपोर्टेशन में रुकावट
  • रक्षाबंधन का त्योहार अक्सर अगस्त के महीने में आता है, जब देश के कई राज्यों में भीषण मानसूनी बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी रहती है।
  • बारिश की वजह से सड़कें खराब होने, जलभराव, हाईवे पर ट्रैफिक जाम और ट्रेनों व उड़ानों के रद्द या लेट होने से लॉजिस्टिक्स नेटवर्क प्रभावित होता है।
  • दूर-दराज के ग्रामीण या पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम के चलते कूरियर गाड़ियों का पहुंचना और भी कठिन हो जाता है।
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रक्षा बंधन - फोटो : Freepik
अंतिम समय में कुरियर के लिए गलत सर्विस चुनना
  • बहुत सी बहनें त्योहार से महज दो-तीन दिन पहले कूरियर बुक करती हैं, जो अत्यधिक रश के समय बिल्कुल पर्याप्त नहीं होता।
  • साधारण या स्टैंडर्ड कूरियर सर्विस चुनने पर डिलीवरी में सामान्य से ज्यादा दिन लगते हैं, खासकर जब पार्सल दूसरे राज्य या विदेश जा रहा हो।
  • इसलिए कूरियर डिलीवरी में होने वाली इस देरी से बचने के लिए हमेशा रक्षाबंधन से कम से कम 7 से 10 दिन पहले एक्सप्रेस या स्पीड पोस्ट सर्विस के जरिए ही राखी भेजनी चाहिए।
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