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Indian Railway: आरएसी टिकट और वेटिंग टिकट में क्या अंतर है? यहां दूर करें कंफ्यूजन

Sun, 16 Aug 2026 08:02 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Waiting Train Ticket: जब लोग टिकट बुक कराते हैं, तो कई बार सीट खाली न रहने की वजह से उन्हें वेटिंग टिकट लेना पड़ता है। वेटिंग टिकट कई बार कंफर्म हो जाता है, वहीं कुछ मामलों में आरएसी (RAC) मिल जाता है। ऐसे में कुछ लोगों को इन दोनों टर्म्स को लेकर काफी कंफ्यूजन रहता है। आइए इस लेख में इन्हीं दोनों के अंतर को बारीकी से समझते हैं।
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आरएसी टिकट - फोटो : AI
Waiting Train Ticket vs RAC Ticket: भारतीय रेलवे से सफर करने वाले ज्यादातर यात्रियों को कंफर्म सीट पाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अक्सर लोग ट्रेन टिकट बुक करवाते हैं, लेकिन कई बार सीटें फुल होने पर टिकट 'आरएसी' या 'वेटिंग' लिस्ट में चला जाता है। बहुत से आम यात्रियों को इन दोनों के बीच का फर्क समझ नहीं आता है, जिसके कारण उन्हें स्टेशन पर या ट्रेन के अंदर काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

कुछ लोगों को ये लगता है कि RAC टिकट और वेटिंग टिकट एक ही होता है। बता दें कि इन दोनों स्थितियों में रेलवे के नियम और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं एक-दूसरे से काफी अलग होती हैं, जिन्हें रेलवे के हर यात्री को जानना बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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RAC टिकट क्या है और इसके क्या फायदे हैं? - फोटो : Adobe Stock
RAC टिकट क्या है और इसके क्या फायदे हैं?
  • आरएसी यानी 'रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन' होता है, जिसका मतलब है कि आपको ट्रेन में बैठने की सीट तो मिल जाती है।
  • इस टिकट में दो यात्रियों को एक ही बर्थ या सीट शेयर करके यात्रा करनी पड़ती है, क्योंकि पूरी बर्थ आरक्षित नहीं होती है।
  • आरएसी टिकट वाले यात्री को ट्रेन के अंदर यात्रा करने से कोई नहीं रोक सकता और वह आसानी से अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं।
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वेटिंग टिकट क्या है और इसके क्या नियम हैं - फोटो : Adobe Stock
वेटिंग टिकट क्या है और इसके क्या नियम हैं
  • वेटिंग लिस्ट का मतलब होता है कि ट्रेन में फिलहाल कोई भी सीट खाली नहीं है और आपको अपनी बारी का इंतजार करना है।
  • अगर यात्रा के दिन तक आपका वेटिंग टिकट कन्फर्म नहीं होता है, तो आप उस आरक्षित डिब्बे में यात्रा करने के लिए अधिकृत नहीं होते हैं।
  • ऑनलाइन बुक किया गया वेटिंग टिकट चार्ट बनने के बाद अपने आप कैंसिल हो जाता है और पैसा आपके खाते के लिए रिफंड कर दिया जाता है।
  • काउंटर से लिया गया वेटिंग टिकट अगर कन्फर्म नहीं होता, तो उसे नजदीकी रेलवे काउंटर पर जाकर कैंसिल कराना होता है।

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Indian Railways - फोटो : Adobe Stock
RAC और Waiting टिकट में मुख्य अंतर क्या हैं
  • आरएसी टिकट धारक को ट्रेन में चढ़ने और यात्रा करने की पूरी अनुमति मिलती है, जबकि वेटिंग टिकट धारक को कई बार यात्रा की अनुमति नहीं होती।
  • आरएसी में आधी सीट या बैठने की जगह पक्की होती है, लेकिन वेटिंग में किसी भी प्रकार की सीट की कोई गारंटी नहीं होती है।
  • चार्ट बनने के बाद आरएसी टिकट के कन्फर्म होने के चांस बहुत ज्यादा होते हैं, जबकि लंबी वेटिंग का कन्फर्म होना मुश्किल होता है।
  • काउंटर के वेटिंग टिकट के साथ यात्रा करना अवैध माना जाता है, जबकि आरएसी टिकट के साथ वैध यात्रा की जा सकती है।
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ट्रेन यात्रा से पहले किन बातों का रखना चाहिए ध्यान - फोटो : Adobe Stock
ट्रेन यात्रा से पहले किन बातों का रखना चाहिए ध्यान
  • टिकट बुक करते वक्त हमेशा करंट स्टेटस की जांच कर लें ताकि आपको अपनी यात्रा की योजना बनाने में आसानी हो सके।
  • अगर आपका टिकट वेटिंग में है, तो स्टेशन जाने से पहले एक बार पीएनआर स्टेटस जरूर चेक कर लें।
  • हमेशा अपनी सुविधा और नियमों को ध्यान में रखकर ही यात्रा का निर्णय लें ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
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