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Property Rules: क्या पिता एक बेटे के नाम कर सकता है पूरी संपत्ति? यहां जानिए इस सवाल का सही जवाब

Wed, 25 Feb 2026 05:39 PM IST
श्रुति गौड़ यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Property Rules In Hindi: संपत्ति को लेकर विवाद वर्षों से चले आ रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में एक बार ये ख्याल अवश्य आता है कि क्या कोई पिता अपने बच्चे को प्रॉपर्टी से बेदखल कर सकता है? इस मामले में नियम क्या कहते हैं आइए जानते हैं।
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क्या पिता एक बेटे के नाम कर सकता है पूरी संपत्ति? - फोटो : अमर उजाला
Father Property Inheritance Law In India:  अक्सर आपने फिल्मों और टीवी सीरियलों में देखा होगा कि गुस्से में या किसी पारिवारिक विवाद के दौरान पिता अपनी पूरी संपत्ति सिर्फ एक बेटे को देकर बाकी बच्चों को बेदखल कर देता है। ये दृश्य देखने में तो मनोरंजक होता है, लेकिन बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या वास्तव में भारतीय कानून के तहत ऐसा संभव है? क्या एक पिता बिना किसी वजह अपने एक बेटे को सब कुछ देकर बाकी बच्चों को पूरी तरह हटा सकता है? 

इस लेख में हम इस बात को कानूनी दृष्टि से समझेंगे और बताएंगे कि वास्तविक जीवन में पिता की संपत्ति के बंटवारे पर क्या नियम लागू होते हैं। उत्तराधिकारी कानून से लेकर पैतृक और स्वयं अर्जित संपत्ति तक, हम विस्तार से जानेंगे कि पिता के पास कितनी स्वतंत्रता होती है और किन परिस्थितियों में वह संपत्ति किसी एक ही वारिस को दे सकता है। 
 
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क्या पिता एक बेटे के नाम कर सकता है पूरी संपत्ति? - फोटो : Adobe Stock
पहले जान लें कितने प्रकार की होती है संपत्ति ?

भारतीय कानून में संपत्ति दो प्रकार की मानी जाती है: पैतृक संपत्ति और स्वयं अर्जित संपत्ति। पैतृक संपत्ति वह होती है जो परिवार में पीढ़ियों से बिना विभाजन के आई हो। वहीं अगर संपत्ति स्वयं अर्जित की हुई हो, जैसे पिता ने खुद कमाई से लिया घर या जमीन, तो उसे स्वयं अर्जित संपत्ति कहते हैं। 

 
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क्या पिता एक बेटे के नाम कर सकता है पूरी संपत्ति? - फोटो : Adobe Stock
 क्या है भारतीय कानून में नियम?

अगर संपत्ति स्वंय अर्जित की हुई है तो ?

भारतीय कानून, विशेषकर हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 के तहत वारिसों के अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है। यदि पिता बिना वसीयत छोड़े मर जाता है, तो उसकी संपत्ति क्लास I उत्तराधिकारी के बीच समान रूप से बांट दी जाती है, जिसमें पत्नी, पुत्र, पुत्री सभी शामिल होते हैं। सभी में समान रूप से संपत्ति का बंटवारा होता है। 

 

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क्या पिता एक बेटे के नाम कर सकता है पूरी संपत्ति? - फोटो : Adobe Stock
अगर संपत्ति पैतृक है तो?

अगर जान लेते हैं कि अगर पिता के नाम कोई ऐसी संपत्ति है, जो पीढ़ियों से बाद उनके नाम आई हो तो ऐसे में पिता उसे किसी एक बच्चे को पूरी तरह देने में स्वतंत्र नहीं होता। इस संपत्ति को पिता को सभी बच्चों में बराबर भागों में ही बांटना पड़ेगा। अगर वो संपत्ति को किसी एक के नाम करने की कोशिश करते हैं तो बाकि बच्चे उनके खिलाफ कानूनी सहायता ले सकते हैं। 

 
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क्या पिता एक बेटे के नाम कर सकता है पूरी संपत्ति? - फोटो : Adobe Stock
अगर एक बच्चे को देनी है प्रॉपर्टी तो क्या करें ?

जब पिता अपनी स्वयं अर्जित संपत्ति को किसी एक बेटे को देना चाहता है, तो सबसे सुरक्षित तरीका वसीयत बनाना है। वसीयत वह कानूनी दस्तावेज़ है जिसमें संपत्ति किसे और कितने हिस्से में मिलेगी, स्पष्ट रूप से लिखा जाता है और यह नोटरी या रजिस्ट्रार के पास रजिस्टर्ड होता है। अगर पिता अपनी इच्छा को वसीयत में स्पष्ट रूप से लिख देता है, तो वह अदालत में भी मान्य होता है।

वसीयत बनाते समय ध्यान रखें कि पैतृक संपत्ति से भी किसी एक बच्चे को पूरी तरह बाहर नहीं किया जा सकता, क्योंकि कानून के तहत सभी वारिसों को उनका हिस्सा प्राप्त होता है।
 

डिसक्लेमर:  यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न कानूनी प्रावधानों और सामान्य नियमों पर आधारित है, लेकिन यह किसी प्रकार की आधिकारिक कानूनी सलाह नहीं है। संपत्ति, वसीयत या उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में परिस्थितियां व्यक्ति, धर्म, राज्य और विशेष तथ्यों के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। किसी भी कानूनी कदम उठाने से पहले योग्य वकील या कानूनी विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। इस लेख में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय की जिम्मेदारी पाठक की स्वयं की होगी।

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