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Pre-Existing Diseases: पुरानी बीमारी छुपाकर ली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी? क्लेम के समय लग सकता है बड़ा झटका

Thu, 30 Jul 2026 07:52 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Insurance Claim Rejected Reasons: अक्सर ऐसा होता है कि लोग हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय प्रीमियम को कम करने के लिए अपनी पुरानी बीमारियों को छुपा लेते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं कि ऐसी स्थिति में आपको क्या भारी नुकसान चुकाना पड़ सकता है।
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पुरानी बीमारी हेल्थ इंश्योरेंस - फोटो : AI
Pre Existing Diseases Health Insurance: आज के समय में अस्पताल और इलाज का खर्च इतना बढ़ गया है कि एक अच्छी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी होना हर परिवार की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। मगर अक्सर देखा जाता है कि एक आम इंसान पॉलिसी खरीदते समय प्रीमियम कम रखने या फॉर्म भरने के झंझट से बचने के लिए अपनी पुरानी बीमारियों को बीमा कंपनी से छुपा लेता है। बता दें कि इन पुरानी बीमारियों को ही 'प्री-एक्सिस्टिंग डिजीज' कहा जाता है।

लोग सोचते हैं कि कंपनी को कौन सा पता चलने वाला है, लेकिन आपकी यही एक छोटी सी भूल मुसीबत के समय आपके पूरे परिवार पर बहुत भारी पड़ सकती है। आइए इस लेख में समझते हैं कि पॉलिसी लेते समय अपनी मेडिकल हिस्ट्री छुपाने से आपको क्लेम के समय कौन से बड़े झटके लग सकते हैं।
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अस्पताल में क्लेम का तुरंत रिजेक्ट होना - फोटो : Adobe stock
अस्पताल में क्लेम का तुरंत रिजेक्ट होना
जब आप किसी पुरानी बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होते हैं और क्लेम फाइल करते हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी के डॉक्टर आपकी पुरानी मेडिकल फाइलों और दवाओं की जांच करते हैं। अगर उन्हें पता चलता है कि यह बीमारी पॉलिसी लेने से पहले की थी और आपने इसे छुपाया था, तो कंपनी बिना किसी देरी के आपका क्लेम सीधे तौर पर खारिज कर देती है।
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पॉलिसी का हमेशा के लिए रद्द होना - फोटो : ANI
पॉलिसी का हमेशा के लिए रद्द होना
बीमा का पूरा कारोबार 'परम सद्भाव' यानी आपसी भरोसे के सिद्धांत पर काम करता है। अगर कोई ग्राहक जानबूझकर अपनी गंभीर बीमारी जैसे शुगर, बीपी या दिल से जुड़ी परेशानी को छुपाता है, तो कंपनी इसे धोखाधड़ी मानती है। ऐसी स्थिति में न सिर्फ आपका क्लेम रुकता है, बल्कि आपकी पॉलिसी को भी हमेशा के लिए रद्द कर दिया जा सकता है।

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जमा किया हुआ प्रीमियम और नो क्लेम बोनस का नुकसान - फोटो : Adobe Stock
जमा किया हुआ प्रीमियम और नो क्लेम बोनस का नुकसान
पॉलिसी कैसिल होने का एक और बड़ा नुकसान यह होता है कि आपने पिछले वर्षों में जो भी प्रीमियम कंपनी को भरा है, वह पूरा पैसा डूब जाता है और कंपनी उसे वापस नहीं करती है। इसके साथ ही, आपकी पॉलिसी के साथ मिलने वाले अन्य सभी लाभ जैसे नो क्लेम बोनस और फ्री हेल्थ चेकअप की सुविधाएं भी तुरंत प्रभाव से समाप्त हो जाती हैं।
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इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट - फोटो : Adobe Stock
ईमानदारी से सच बताने के बड़े फायदे और सही तरीका
इन सभी बड़े नुकसानों से बचने का सबसे सरल उपाय यही है कि फॉर्म भरते समय अपनी हर छोटी-बड़ी बीमारी का सच-सच विवरण दें। सच बताने पर कंपनी आपसे थोड़ा अधिक प्रीमियम ले सकती है या कुछ समय का 'वेटिंग पीरियड' तय कर सकती है, लेकिन इसके बाद भविष्य में आपको बिना किसी मानसिक तनाव के 100% कंफर्म क्लेम मिलने की पूरी गारंटी रहती है।
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