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PM Fasal Bima Yojana: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, खरीफ फसल बीमा कराने की आखिरी तारीख बढ़ी

Fri, 31 Jul 2026 08:32 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Kharif Crop Insurance Extended Deadline: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सरकार किसानों के फसल का बीमा करती है। बता दें कि खरीफ फसल के बीमा की आखिरी तारीख 31 जुलाई थी, जिसे बढ़ाकर 16 अगस्त कर दिया गया है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2026 - फोटो : AI
PM Fasal Bima Yojana:  देश के करोड़ों किसान भाइयों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय से एक बेहद राहत भरी और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सरकार ने खरीफ फसलों के लिए 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' के तहत पंजीकरण यानी रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तिथि को 31 जुलाई से बढ़ाकर अब 16 अगस्त 2026 करने का आधिकारिक फैसला किया है। अक्सर मानसून की बेरुखी, व्यस्तता या तकनीकी कारणों से कई किसान भाई समय पर अपनी फसलों का बीमा नहीं करा पाते थे। 

इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने समय-सीमा को आगे बढ़ाया है ताकि देश का कोई भी अन्नदाता इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से वंचित न रह सके। आइए बेहद सरल भाषा में समझते हैं कि इस तारीख के बढ़ने से किसानों को क्या फायदे होंगे और वे कैसे अपनी फसलों को सुरक्षित कर सकते हैं।
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अंतिम तिथि बढ़ने से छूटे हुए किसानों को मिला दूसरा मौका - फोटो : AdobeStock
अंतिम तिथि बढ़ने से छूटे हुए किसानों को मिला दूसरा मौका
इस महत्वपूर्ण फैसले का सबसे बड़ा लाभ उन किसानों को मिलेगा जो किसी कारणवश 31 जुलाई की पुरानी समय-सीमा तक अपना आवेदन फॉर्म जमा नहीं कर पाए थे। 
अब किसान भाई आगामी 16 अगस्त 2026 तक बिना किसी हड़बड़ी के अपने नजदीकी नागरिक सेवा केंद्र, अधिकृत बैंकों या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से खरीफ फसलों का डिजिटल इंश्योरेंस आसानी से करवा सकते हैं।
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आपदा की स्थिति में मिलेगी आर्थिक सुरक्षा - फोटो : AdobeStock
आपदा की स्थिति में मिलेगी आर्थिक सुरक्षा
  • इस योजना के तहत धान, मक्का, बाजरा, कपास और सोयाबीन जैसी प्रमुख खरीफ फसलों को प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच मिलता है। 
  • अगर मौसम की खराबी, भारी बारिश, भयंकर सूखा, अचानक आई बाढ़ या कीड़ों के हमले के कारण खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो जाती है, तो बीमा कंपनी द्वारा नुकसान का योजना के नियमों के अनुसार मुआवजा सीधे किसान के खाते में दिया जाता है।

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बेहद मामूली और किफायती प्रीमियम दरें तय - फोटो : AdobeStock
बेहद मामूली और किफायती प्रीमियम दरें तय
  • आम जनता और गरीब किसानों की जेब को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बीमा योजना की प्रीमियम दरों को बेहद कम और किफायती रखा है। 
  • खरीफ फसलों के लिए किसानों को कुल बीमा राशि का मात्र 2% प्रीमियम ही चुकाना पड़ता है, जबकि बाकी का भारी-भरकम हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर खुद वहन करती हैं। 
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फसल कटाई के बाद के नुकसान पर भी मुआवजा - फोटो : Adobe Stock
फसल कटाई के बाद के नुकसान पर भी मुआवजा
  • इस सरकारी योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ खेत में खड़ी फसल को ही सुरक्षा नहीं देती, बल्कि फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को भी कवर करती है।
  • अगर फसल काटकर सूखने के लिए खेत में रखी है और अगले 14 दिनों के भीतर चक्रवात या बेमौसम बारिश से वह खराब हो जाती है, तो 72 घंटे के भीतर सूचना देने पर पूरा क्लेम मिलता है।
  • आप चाहें तो खुद घर पर ही इसके ऑफिसियल वेबसाइट (https://pmfby.gov.in/) से आवेदन कर सकते हैं।
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