पैन कार्ड को भारत सरकार का आयकर विभाग जारी करता है। इसमें दस अंकों का अल्फान्यूमेरिक नंबर होता है। इसकी मदद से सरकार किसी व्यक्ति, व्यवसाय या संस्था की वित्तीय पहचान को आसानी से ट्रैक कर सकती है। आज के समय पैन कार्ड का उपयोग आयकर रिटर्न भरने के अलावा बैंक में खाता खोलने, बड़े वित्तीय लेनदेन करने, संपत्ति खरीदने, निवेश करने आदि कई जरूरी कार्यों के लिए किया जा रहा है।
पैन कार्ड आर्थिक पारदर्शिता को सुनिश्चित करने में अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा वित्तीय धोखाधड़ी रोकने, टैक्स चोरी कम करने और लेन-देन की विश्वसनीयता को बढ़ाने में भी इसकी एक बड़ी भूमिका है।