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Monthly Expense: महीने के पहले हफ्ते में ही खत्म हो जाती है सैलरी? खर्च का ये तरीका अपनाएं तो कर सकते हैं बचत

Mon, 03 Aug 2026 05:10 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Monthly Expense Management Tips: महीने का पहला हफ्ता बीतते-बीतते अक्सर लोगों की सैलरी का बड़ा हिस्सा खत्म हो जाता है। स्थिति ऐसी हो जाती है कि बाकी दिन काटने के लिए दोस्तों या रिश्तेदारों से उधार तक लेना पड़ता है। आइए, इस लेख में समझते हैं कि इस बजट बिगाड़ने वाली आदत से कैसे बचा जाए।
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महीने का बजट कैसे बनाएं - फोटो : AI
Salary Saving Hacks: आज के समय में महंगाई इतनी बढ़ चुकी है कि नौकरीपेशा लोगों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि महीना शुरू होते ही सैलरी चंद दिनों में गायब हो जाती है। घर का किराया, बिजली का बिल, बच्चों की फीस और राशन जैसी जरूरी चीजों में महीने के पहले हफ्ते में ही जेब खाली हो जाती है। इसके बाद बाकी के तीन हफ्ते काटने के लिए लोगों को कर्ज लेना पड़ता है या क्रेडिट कार्ड पर निर्भर रहना पड़ता है। एक आम इंसान अक्सर यह नहीं समझ पाता कि वह अपनी मेहनत की कमाई को कैसे खर्च करे कि उसका पैसा कम से कम खर्च हो।

वहीं अगर आप अपने खर्च करने के तरीके में थोड़ा सा बदलाव करें और बजट मैनेजमेंट का एक सही फॉर्मूला अपनाएं, तो न सिर्फ आपके पास महीने के अंत तक पैसा बचेगा, बल्कि आप भविष्य के लिए मोटी बचत भी कर पाएंगे। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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सबसे पहले अपनाएं 50-30-20 का जादुई बजट नियम (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
सबसे पहले अपनाएं 50-30-20 का जादुई बजट नियम
  • अपनी सैलरी आते ही उसे तीन हिस्सों में बांट लें। कुल कमाई का 50% हिस्सा घर के जरूरी खर्चों जैसे राशन, किराया और बिलों के लिए रखें।
  • इसके बाद 30% हिस्सा अपनी छोटी-मोटी इच्छाओं जैसे बाहर घूमने या होटल में खाने के लिए निकालें। 
  • बाकी बचा 20% हिस्सा महीना शुरू होते ही सबसे पहले निवेश या बचत के खाते में डाल दें ताकि वह पैसा खर्च ही न हो सके।
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खर्च करने से पहले हर महीने एक लिखित लिस्ट बनाएं  - फोटो : Adobe Stock
खर्च करने से पहले हर महीने एक लिखित लिस्ट बनाएं 
  • बहुत से लोग बिना कोई योजना बनाए बाजार चले जाते हैं और गैर-जरूरी चीजों भी खरीद लाते हैं। 
  • इससे बचने के लिए महीने की शुरुआत में ही एक डायरी या मोबाइल एप में अपने संभावित खर्चों की एक पक्की लिस्ट तैयार कर लें।
  • जब आप सिर्फ लिस्ट के अनुसार ही सामान खरीदेंगे, तो बिना सोचे-समझे होने वाली फिजूलखर्ची पर अपने आप पूरी तरह से रोक लग जाएगी।

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क्रेडिट कार्ड और 'बाय नाउ पे लेटर' के जाल से बचें - फोटो : Adobe Stock
क्रेडिट कार्ड और 'बाय नाउ पे लेटर' के जाल से बचें
  • आज के दौर में ऑनलाइन शॉपिंग एप्स लोगों को बाद में पैसे चुकाने का लालच देते हैं। 
  • यह सुविधा आम इंसान को अपनी लीमिट से ज्यादा खर्च करने पर मजबूर कर देती है। 
  • जब तक बहुत ज्यादा इमरजेंसी न हो, तब तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने से बचें। 
  • हमेशा अपने डेबिट कार्ड या नकद पैसों से ही भुगतान करें ताकि आपको पता रहे कि आपकी जेब से कितना पैसा जा रहा है।
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इमरजेंसी फंड बनाना है हर परिवार के लिए जरूरी - फोटो : AdobeStock
इमरजेंसी फंड बनाना है हर परिवार के लिए जरूरी
  • महीने के पहले हफ्ते में सैलरी खत्म होने का एक बड़ा कारण अचानक आने वाले अनपेक्षित खर्चे भी होते हैं।
  • इन खर्चों से निपटने के लिए अपनी सैलरी का एक छोटा सा हिस्सा हर महीने 'इमरजेंसी फंड' के रूप में अलग गुल्लक या बैंक खाते में जमा करते रहें। 
  • यह फंड आपके मुश्किल दिनों में ढाल बनेगा और आपकी मुख्य सैलरी को सुरक्षित रखेगा।
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