फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indus Water Treaty: सिंधु जलसंधि स्थगित होने से पाकिस्तान की कृषि हो सकती है चौपट, क्या शुरू होगा वॉटर वॉर?

Thu, 24 Apr 2025 02:53 PM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Indus Water Treaty 1960 Suspended: पाकिस्तान अपनी कायरतापूर्ण "ब्लीड इंडिया विद ए थाउजेंड कट्स" रणनीति के तहत बीते लंबे समय से भारत में आतंकी भेज रहा है। उरी, पुलवामा और अब पहलगाम ये सब इसी का हिस्सा हैं।
विज्ञापन
1 of 6
Indus Water Treaty - फोटो : AdobeStock
Indus Water Treaty 1960 Suspended: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की जान चली गई। इस आतंकी हमले ने पूरे भारत को झकझोर के रख दिया। पाकिस्तान अपनी कायरतापूर्ण "ब्लीड इंडिया विद ए थाउजेंड कट्स" रणनीति के तहत बीते लंबे समय से भारत में आतंकी भेज रहा है। उरी, पुलवामा और अब पहलगाम ये सब इसी का हिस्सा हैं।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत की सहनशीलता की सीमा को पार करने का काम किया है। इसी को देखते हुए भारत सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने सालों पुरानी सिंधु जल संधि के करार को स्थगित कर दिया है। भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि साल 1960 में हुई थी। यह भारत सरकार का एक बहुत बड़ा फैसला है। निकट भविष्य में इसका व्यापक प्रभाव पाकिस्तान के ऊपर देखने को मिलेगा। इससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को आने वाले समय एक बहुत बड़ी क्षति पहुंचने वाली है। 
विज्ञापन

2 of 6
Indus Water Treaty - फोटो : AdobeStock

क्या है सिंधु जल संधि

  • सिंधु जल संधि के अंतर्गत इस बात को तय किया गया था कि रावी, व्यास और सतलज नदी का पूरा इस्तेमाल करने का हक भारत के पास होगा।
  • इसके अलावा सिंधु, चिनाब और झेलम का नियंत्रण पाकिस्तान के पास होगा।
  • समझौते के तहत भारत को लगभग 30 प्रतिशत और पाकिस्तान को 70 प्रतिशन पानी का हक मिला।
  • इस समझौते में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि झेलम, चिनाब और सिंधु नदियों का पानी भारत को पाकिस्तान में जाने देना होगा।  
विज्ञापन

3 of 6
Indus Water Treaty - फोटो : AdobeStock

सिंधु नदी के पानी पर निर्भर है पाकिस्तान

  • पाकिस्तान में 80 प्रतिशत खेती सिंधु जल समझौते के अंतर्गत मिलने वाले पानी पर निर्भर है।
  • इसके अलावा पाकिस्तान के बड़े शहर जैसे लाहौर, मुल्तान, कराची आदि में पीने लायक पानी और घरेलू इस्तेमाल में जिस पानी का उपयोग किया जाता है उसका इस्तेमाल भी इन्हीं नदियों के पानी से होता है। 

4 of 6
Indus Water Treaty - फोटो : AdobeStock

पाकिस्तान का कृषि क्षेत्र सीधे तौर पर होगा प्रभावित

  • पाकिस्तान की आबादी के करीब 237 मिलियन लोग इस प्रणाली के अंतर्गत मिलने वाले पानी पर निर्भर हैं।
  • इसके अलावा पाकिस्तान ने इन नदियों पर कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी बनाए हैं।
  • पाकिस्तान की जीडीपी में कृषि का एक महत्वपूर्ण योगदान है।
  • सिंधु जल संधि के स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान का कृषि क्षेत्र सीधे तौर पर प्रभावित हो सकता है।
  • सिंचाई के लिए पानी न मिल पाने की वजह से फसलें तैयार नहीं हो पाएंगी, जिसके चलते पाकिस्तान में भुखमरी जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। 
विज्ञापन

5 of 6
Indus Water Treaty - फोटो : AdobeStock

क्या शुरू हो सकता है वॉटर वॉर

  • शहरों और गांवों में पानी की कमी होने की वजह से सामाजिक अशांति पैदा हो सकती है।
  • पाकिस्तान के कई हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट भी सिंधु नदी पर निर्भर हैं।
  • अगर वहां पानी नहीं मिलेगा, तो इससे पाकिस्तान में एक एनर्जी क्राइसिस भी देखने को मिल सकती है।
  • पाकिस्तान में पहले से ही अशांति का माहौल है और ये सब चीजें पाकिस्तान में लोगों का सरकार और सेना के प्रति गुस्साा और बढ़ाएंगी।
  • इससे पाकिस्तान की बची कुची अर्थव्यवस्था तो चौपट हो सकती है साथ ही भारत और पाकिस्तान के बीच एक वॉटर वॉर भी हमें देखने को मिल सकता है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
Indus Water Treaty - फोटो : AdobeStock

कहां से निकलती हैं ये नदियां?

  • सिंधु नदी कैलाश पर्वत के ग्लेशियरों से निकलती है और जम्मू कश्मीर के रास्ते पाकिस्तान में जाती है। 
  • हिमाचल के लाहौल स्पीति में चंद्रा भागा से चिनाब नदी बनती है। यह नदी भी जम्मू कश्मीर से होते हुए जाती है।
  • वहीं झेलम नदी कश्मीर के वेरिनाग झरने से निकलती है। 
  • इन तीनों नदी की उत्पत्ति भारत में होती है। संधि स्थागित किए जाने के बाद अब पाकिस्तान में कितना पानी जाएगा वह भारत के फैसले द्वारा तय किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें