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Indian Railways: क्या आप जानते हैं ट्रेन टिकट पर लिखे इन 5 अंकों का मतलब? अगर नहीं, तो यहां जानिए

Sun, 30 Jan 2022 03:23 PM IST
ज्योति मेहरा यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इन 5 डिजिट के नंबर से मिलती है ट्रेन की पूरी जानकारी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : i stock
अगर आपने कभी ट्रेन में सफर किया है, तो आपने अपनी ट्रेन टिकट पर या फिर ट्रेन कोच पर लिखे पांच डिजिट के नंबर पर जरूर गौर किया होगा। आमतौर पर इससे ट्रेन नंबर का पता लगाया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि इससे और भी बहुत कुछ पता लगाया जाता है? दरअसल, ट्रेन की टिकट पर या ट्रेन टिकट पर लिखा पांच डिजिट का नंबर आपको और भी बहुत सी जानकारियां देता है। इस नंबर से आपको आपके ट्रेन की स्थिति, ट्रेन की कैटेगरी, आप कहां जा रहे हैं और कहां से आ रहे हैं इन सभी बातों के बारे में पता लग सकता है। दरअसल, हर ट्रेन का अपना एक विशेष नंबर होता है। ये इसकी पहचान होती है। इसे 0 से लेकर 9 तक के अंकों से बनाया जाता है। वहीं इस पाच अंक के पहले डिजिट (0-9) के अलग-अलग मतलब होते हैं। इसमें 0 का मतलब है कि ये ट्रेन स्पेशल ट्रेन है। जैसे- हॉलीडे स्पेशल, समर स्पेशल या अन्य स्पेशल। 
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इन 5 डिजिट के नंबर से मिलती है ट्रेन की पूरी जानकारी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
1 से 4 तक डिजिट का क्या है मतलब
  • यदि पहला डिजिट 1 या 2 है इसका मतलब ट्रेन लंबी दूरी तक जाती है। साथ ही ये ट्रेन राजधानी, जन साधारण, शताब्दी, संपर्क क्रांति,  दूरंतो, गरीब रथ होगी। 
  • वहीं अगर पहला डिजिट 3 है तो ये ट्रेन कोलकाता सब अरबन ट्रेन है। पहला डिजिट 4 होने पर ये नई दिल्ली, चेन्नई, सिकंदराबाद और अन्य मेट्रो सिटी की सब अरबन ट्रेन हो सकती है।
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इन 5 डिजिट के नंबर से मिलती है ट्रेन की पूरी जानकारी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
5 से 9 तक डिजिट का मतलब
  • अगर पहला डिजिट 5 है तो ये एक सवारी गाड़ी है। 6 का मतलब है ये मेमू ट्रेन है। वहीं 7 है तो ये डेमू ट्रेन है। अगर 8 है तो ये एक आरक्षित ट्रेन है। साथ ही अगर पहला डिजिट 9 है तो इसका मतलब ये मुंबई की सब अरबन ट्रेन है। 

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इन 5 डिजिट के नंबर से मिलती है ट्रेन की पूरी जानकारी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
दूसरा और उसके बाद का डिजिट
  • इसमें दूसरा और उसके बाद का डिजिट पहले डिजिट के अनुसार होता है। अगर किसी ट्रेन के पहले लेटर 0, 1 और 2 से शुरू है तो बाकी के चार लेटर रेलवे जोन और उसके डिवीजन  को दर्शाते हैं। इसे 2011 के 4-डिजिट स्कीम के अनुसार बनाया जाता है। 
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इन 5 डिजिट के नंबर से मिलती है ट्रेन की पूरी जानकारी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
  • 0 का मतलब कोंकण रेलवे
  • 1 का मतलब सेंट्रल रेलवे, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे, वेस्ट-सेंट्रल रेलवे।
  • 2 का मतलब सुपरफास्ट, शताब्दी, जन शताब्दी। इन ट्रेन के अगले डिजिट जोन कोड को दर्शाते हैं।
  • 3 का मतलब ईस्टर्न रेलवे और ईस्ट सेंट्रल रेलवे
  • 4 का मतलब नॉर्थ रेलवे, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे।
  • 5 का मतलब नेशनल ईस्टर्न रेलवे, नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे।
  • 6 का मतलब साउथर्न रेलवे और साउथर्न वेस्टर्न रेलवे।
  • 7 का मतलब साउथर्न सेंट्रल रेलवे और साउथर्न वेस्टर्न रेलवे।
  • 8 का मतलब साउथर्न ईस्टर्न रेलवे और ईस्ट कोस्टल रेलवे।
  • 9 का मतलब नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे, वेस्टर्न रेलवे और वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे।
  • साथ ही जिस ट्रेन का पहला डिजिट 5,6,7 में से एक होता है, उनका दूसरा डिजिट जोन को दिखाता है। वहीं बाकी के अंक उनके डिवीजन कोड के बारे में बताते हैं।
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