भारत में रेल आज भी हर किसी के जीवन का हिस्सा है। अधिकतर लोगों ने कभी न कभी रेल से यात्रा जरूर की है। अगर आप भी रेल से यात्रा करते हैं, तो कभी न कभी पटरियों के किनारे पर लगे एक पीले रंग के बोर्ड पर आपकी नजर पड़ी होगी, जिस पर W/L लिखा होता है। क्या कभी आपके मन में इसको लेकर सवाल आया है कि आखिर इसका मतलब क्या है? अगर आपको इसके बारे में नहीं पता, तो आज आपको इसका जवाब मिल जाएगा। ये अक्सर क्रॉसिंग के आसपास से गुजरते वक्त दिखाई पड़ता है। इसका फुल फॉर्म Whistle / Level Board होता है, जिसको पटरियों के दोनों ओर लगाया जाता है। दरअसल, ये सुरक्षा के मद्देनजर लगाया जाता है। ये बोर्ड लोको पायलट को अलर्ट करने का काम करता है, जिससे किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके, तो आइए जानते हैं इसका काम क्या होता और ये कैसे किसी दुर्घटना से बचाता है।
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पटरियों के किनारे लगे बोर्ड पर लिखे W/Lका मतलब क्या होता है?
- फोटो : i stock
भारतीय रेलवे की ऑफिशियल वेबसाइट की मानें तो इसे ऐसी जगह लगाया जाता है, जहां पर अनमैन और मैन दोनों तरह की क्रॉसिंग होती है। इसे क्रॉसिंग से 600 मीटर पहले लगाया जाता है। ये बोर्ड लोको पायलट को हॉर्न देने के लिए अलर्ट करता है। इससे होकर गुजरने पर हॉर्न देना अनिवार्य होता है और लोको पायलट को लगातार हॉर्न देना होता है।
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पटरियों के किनारे लगे बोर्ड पर लिखे W/Lका मतलब क्या होता है?
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ये बोर्ड पीले रंग का होता है और इस पर काले रंग से W/L लिखा होता है, जिससे ये दूर से ही नजर आ जाता है। इसे देखने के बाद लोको पायलट हॉर्न बजाकर चेतावनी देता है, जिसके बाद क्रॉसिंग गेट के पास खड़े लोग अलर्ट हो जाते हैं। इस तरह ये बोर्ड किसी भी तरह की दुर्घटना से बचाता है।
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पटरियों के किनारे लगे बोर्ड पर लिखे W/Lका मतलब क्या होता है?
- फोटो : istock
रेलवे के नियम के मुताबिक, ये बोर्ड जमीन से करीब 2100 एमएम की ऊंचाई पर लगाया जाता है। यहां ऐसे दो बोर्ड लगाए जाते हैं, जिसमें एक में अंग्रेजी में और दूसरे में हिन्दी में लिखा होता है। दोनों बोर्ड का क्षेत्रफल 600 वर्ग मिलीमीटर होता है। इन दोनों बोर्ड को वर्टिकल रूप में लगाया जाता है।
पटरियों के किनारे लगे बोर्ड पर लिखे W/Lका मतलब क्या होता है?
- फोटो : i stock
इसमें हिंदी में सी/फ लिखा होता है। यहां पर 'सी' का मतलब सीटी बजाने से होता है। वहीं 'फ' का मतलब फाटक से होता है। खास बात तो ये है कि ये एक ऐसा सवाल है जिसे इंटरव्यू में भी पूछा जाता है। रेलवे से जुड़े भर्तियों के साक्षात्कार में इस तरह के सवाल किए जा सकते हैं।