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Grace Period: समय पर नहीं भर पाए हैं हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम? जानें क्या होता है 'ग्रेस पीरियड' का नियम

Wed, 29 Jul 2026 05:59 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Medical Claim During Grace Period: हेल्थ इंश्योरेंस लेने वाले बहुत से लोगों के साथ ऐसा होता है कि वो समय पर उसका प्रीमियम नहीं भर पाते हैं। बता दें कि ऐसी स्थिति में कंपनियां आपको ग्रेस पीरियड में प्रीमियम भरने का मौका देती हैं, आइए इसी के बारे में समझेत हैं।
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हेल्थ इंश्योरेंस ग्रेस पीरियड - फोटो : AI
Health Insurance Grace Period Rules: आज के समय में इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस हर परिवार के लिए एक जरूरी सुरक्षा कवच बन गया है। मगर कई बार ऐसा होता है कि इंश्योरेंस तो ले लेते हैं मगर व्यस्तता, पैसों की कमी या भूलवश समय पर प्रीमियम जमा नहीं कर पाते। 

ऐसे में ज्यादातर लोग परेशान हो जाते हैं, मगर घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बीमा कंपनियां ग्राहकों को एक अतिरिक्त समय देती हैं, जिसे ग्रेस पीरियड कहा जाता है। आइए इस लेख में समझते हैं कि यह नियम कैसे काम करता है।
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क्या होता है ग्रेस पीरियड? - फोटो : Adobe stock
क्या होता है ग्रेस पीरियड?

ग्रेस पीरियड वह अतिरिक्त समय होता है, जो प्रीमियम की नियत तारीख निकल जाने के बाद बीमा कंपनी भुगतान के लिए देती है। अगर इस अवधि के भीतर प्रीमियम जमा कर दिया जाए, तो पॉलिसी की निरंतरता बनी रहती है और उसे लैप्स होने से बचाया जा सकता है। आमतौर पर मासिक प्रीमियम पर 15 दिन और तिमाही, छमाही या सालाना प्रीमियम पर 30 दिन का ग्रेस पीरियड मिलता है।
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क्या ग्रेस पीरियड में क्लेम मिल सकता है? - फोटो : Adobe Stock
क्या ग्रेस पीरियड में क्लेम मिल सकता है?

यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जाता है। अगर ग्रेस पीरियड के दौरान अस्पताल में भर्ती होने जैसी स्थिति बनती है और बीमाधारक ग्रेस पीरियड के भीतर बकाया प्रीमियम जमा कर देता है, तो आमतौर पर पॉलिसी की शर्तों के अनुसार क्लेम मिल सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला बीमा कंपनी की पॉलिसी की शर्तों और लागू नियमों के आधार पर होता है।

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ग्रेस पीरियड का सबसे बड़ा फायदा - फोटो : ANI
ग्रेस पीरियड का सबसे बड़ा फायदा

अगर आप ग्रेस पीरियड के भीतर प्रीमियम जमा कर देते हैं, तो आपकी पॉलिसी की निरंतरता बनी रहती है। इससे पहले से पूरा किया गया वेटिंग पीरियड, नो क्लेम बोनस और अन्य मिलने वाले लाभ सामान्य रूप से जारी रहते हैं। यानी आपको नई पॉलिसी लेने जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
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अगर ग्रेस पीरियड भी निकल जाए तो क्या होगा? - फोटो : AdobeStock
अगर ग्रेस पीरियड भी निकल जाए तो क्या होगा?
अगर तय ग्रेस पीरियड के भीतर भी प्रीमियम जमा नहीं किया जाता, तो पॉलिसी लैप्स हो सकती है। इसके बाद पॉलिसी दोबारा शुरू कराने के लिए बीमा कंपनी के नियम लागू होते हैं। कुछ मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज, मेडिकल जांच या अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं। इसलिए बेहतर यही है कि प्रीमियम समय पर या कम से कम ग्रेस पीरियड के भीतर जरूर जमा कर दें।
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