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Health Insurance Guide: पहली बार ले रहे हैं हेल्थ इंश्योरेंस? इन 4 बातों को समझ लिए तो कभी नहीं डूबेगा पैसा

Tue, 28 Jul 2026 09:20 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Health Insurance: आज के समय में लोग अपनी सेहत और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तेजी से हेल्थ इंश्योरेंस ले रहे हैं। लेकिन कई बार जल्दबाजी में लोग पॉलिसी से जुड़ी बेहद जरूरी बातों पर ध्यान नहीं देते हैं, जिसके कारण बाद में क्लेम लेते समय बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती है। इसलिए आइए इस लेख में समझते हैं कि हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय आपको किन 4 बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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पहली बार हेल्थ इंश्योरेंस गाइड - फोटो : AI
Health Insurance Guide: आज के समय में मेडिकल खर्चे आसमान छू रहे हैं, ऐसे में किसी भी बीमारी के दौरान अपनी जमा-पूंजी को बचाने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस होना बेहद जरूरी है। लेकिन जब एक आम इंसान पहली बार अपने परिवार के लिए कोई हेल्थ पॉलिसी खरीदने जाता है, तो बाजार में मौजूद ढेरों कंपनियों और कठिन तकनीकी शब्दों को देखकर पूरी तरह उलझन में पड़ जाता है।

सही जानकारी न होने के कारण कई बार लोग गलत पॉलिसी चुन लेते हैं, जिससे क्लेम के समय उनका पैसा डूब जाता है। आइए बेहद सरल भाषा में समझते हैं वो 4 सबसे जरूरी बातें, जिन्हें समझकर आप अपने लिए एक परफेक्ट हेल्थ इंश्योरेंस प्लान चुन सकते हैं।
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वेटिंग पीरियड के नियम को ध्यान से समझें - फोटो : Adobe stock
वेटिंग पीरियड के नियम को ध्यान से समझें
इंश्योरेंस लेते ही पहले दिन से सभी बीमारियों का खर्च नहीं मिलता है। आमतौर पर पहले 30 दिनों तक केवल एक्सीडेंटल केस कवर होते हैं।
इसके अलावा, पहले से मौजूद बीमारियां जैसे बीपी या डायबिटीज के लिए 2 से 4 साल का वेटिंग पीरियड होता है। पॉलिसी लेते समय कोशिश करें कि कम से कम वेटिंग पीरियड वाला प्लान ही चुनें।
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रूम रेंट कैपिंग की शर्त जरूर जांचें - फोटो : ANI
रूम रेंट कैपिंग की शर्त जरूर जांचें
  • अस्पताल में भर्ती होने पर कमरे का किराया बहुत मायने रखता है। 
  • कई कंपनियों की पॉलिसी में रूम रेंट की एक सीमा (जैसे कुल बीमा राशि का 1%) तय होती है। 
  • अगर आपके बजट में संभव हो, तो बिना रूम रेंट कैपिंग वाली पॉलिसी चुनना बेहतर माना जाता है, क्योंकि इससे क्लेम के समय कटौती की संभावना कम रहती है।

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कैशलेस और नेटवर्क अस्पतालों की सूची देखें - फोटो : Adobe Stock
कैशलेस और नेटवर्क अस्पतालों की सूची देखें
पॉलिसी फाइनल करने से पहले यह जरूर देखें कि आपकी इंश्योरेंस कंपनी का आपके शहर के बड़े और नजदीकी अस्पतालों के साथ टाई-अप है या नहीं।
नेटवर्क अस्पताल होने पर आपको इलाज के लिए अपनी जेब से पैसे नहीं देने पड़ते और कंपनी सीधे अस्पताल को भुगतान कर देती है, जिससे इमरजेंसी में बड़ी राहत मिलती है।
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को-पेमेंट और रिस्टोर बेनिफिट पर दें ध्यान - फोटो : AdobeStock
को-पेमेंट और रिस्टोर बेनिफिट पर दें ध्यान
  • कुछ पॉलिसियों में 'को-पेमेंट' की शर्त होती है, जिसका मतलब है कि इलाज के खर्च का एक निश्चित हिस्सा (जैसे 10% या 20%) आपको खुद देना होगा, ऐसी शर्तों से बचें। 
  • इसके साथ ही 'रिस्टोर बेनिफिट' वाला प्लान लें, जो एक ही साल में दोबारा बीमार पड़ने पर आपकी बीमा राशि को मुफ्त में दोबारा रीचार्ज कर देता है।
  • इसके अलावा अपकी कोई भी पुरानी बिमारी है तो इंश्योरेंस लेते समय कंपनी को उसके बारे में जरूरी बताएं, क्योंकि इश्योरेंस लेने के बाद पता चलने पर आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।
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