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अगर बड़ी गाड़ी से हो गई छोटी गाड़ी की टक्कर तो किसे होगी सजा? जानें क्या कहता है नियम

Mon, 14 Sep 2026 08:24 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Big vs Small Vehicle Accident Rules: गुड़गांव का हिट एंड रन केस इन दिनों सुर्खियों में है, ऐसे में बहुत से लोगों के मन में दुर्घटना से जुड़े कई सवाल आते हैं। इसी कड़ी में एक बड़ा सवाल ये है कि क्या अगर बड़ी और छोटी गाड़ी में टक्कर होती है तो हमेशा बड़ी गाड़ी वाले की गलती होती है? आइए इस लेख में इस सवाल का जवाब जानते हैं।
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गुड़गांव हिट एंड रन केस - फोटो : AI
Gurugram Hit And Run Case: हाल ही में गुड़गांव में हुए एक दर्दनाक हिट एंड रन केस ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस हादसे के वायरल वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि किस तरह से कार चालक बाइक को टक्कर मारके आगे बढ़ जाता है। मगर इस हादसे के बाद से लोगों के मन में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि जब किसी बड़ी गाड़ी जैसे कार या ट्रक की टक्कर किसी छोटी गाड़ी जैसे बाइक या स्कूटर से होती है, तो पुलिस कानूनी रूप से किसकी गलती मानती है। 

आमतौर पर लोग मानते हैं कि हमेशा बड़े वाहन चालक की ही गलती होती है, लेकिन कानून का तरीका अलग है। आइए इस लेख में समझते हैं कि ऐसे हादसों में सजा और जवाबदेही तय करने के क्या नियम हैं।


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क्या हमेशा बड़ी गाड़ी वाले की ही होती है गलती? - फोटो : AdobeStock
क्या हमेशा बड़ी गाड़ी वाले की ही होती है गलती?
  • आम जनता के बीच यह गलतफहमी है कि दुर्घटना होने पर पुलिस आंख बंद करके बड़े वाहन चालक को ही दोषी ठहराती है। कानूनी तौर पर ऐसा बिल्कुल नहीं है। 
  • भारतीय कानून किसी गाड़ी के आकार के आधार पर नहीं, बल्कि घटना के समय किस चालक ने यातायात नियमों का उल्लंघन किया था, उस आधार पर दोष तय करता है। 
  • संक्षेप में समझें तो, हर सड़क दुर्घटना अपने आप में यूनिक होती है। हादसे में किसकी गलती है, यह पूरी तरह से उस मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
  • गलती तय करने में बड़ी या छोटी गाड़ी होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है, जैसे अगर बाइक सवार गलत दिशा में आ रहा था, तो गलती उसकी भी मानी जा सकती है।
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पुलिस और फॉरेंसिक जांच से तय होती है जवाबदेही - फोटो : AdobeStock
पुलिस और फॉरेंसिक जांच से तय होती है जवाबदेही
  • एक्सीडेंट होने के बाद पुलिस मौके का मुआयना करती है और फॉरेंसिक टीम की मदद से गाड़ियों की स्थिति जांचती है।
  • इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज, सड़क के निशान और चश्मदीद गवाहों के बयानों से यह पता लगाया जाता है कि किस गाड़ी की रफ्तार तेज थी और किसने ओवरटेक या गलत टर्न लिया था।
  • पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाती है।

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हिट एंड रन मामले में मिलती है कड़ी सजा - फोटो : AdobeStock
हिट एंड रन मामले में मिलती है कड़ी सजा
  • हादसे के बाद अगर कोई चालक घायल व्यक्ति की मदद करने के बजाय मौके से भाग जाता है, तो उसे 'हिट एंड रन' का दोषी माना जाता है।
  • नए कड़े कानूनों के तहत एक्सीडेंट करके भागने वाले चालकों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज होता है और भारी जुर्माने के साथ लंबी जेल की सजा का प्रावधान है।
  • इसलिए एक्सीडेंट होने पर पुलिस को सूचित करना बेहद जरूरी है।
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मुआवजा और बीमा का गणित समझें - फोटो : अमर उजाला
मुआवजा और बीमा का गणित समझें
  • दुर्घटना में पीड़ित पक्ष को नुकसान की भरपाई के लिए मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाना पड़ता है।
  • कोर्ट जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय करता है कि किस चालक की कितनी लापरवाही थी।
  • दोषी पाई गई गाड़ी की इंश्योरेंस कंपनी को पीड़ित या उसके परिवार को उचित मुआवजा देना पड़ता है।
  • इसलिए बड़ी हो या छोटी, गाड़ी हमेशा ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए ही गाड़ी चलाएं।
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