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Good Samaritan: क्या सड़क दुर्घटना में मदद करने वाले फंस सकते हैं? जानिए क्या कहता है कानून

Sun, 19 Apr 2026 02:40 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Good Samaritan Law In Hindi: अक्सर जब सड़कों पर एक्सिडेंट होता है तो लोग मदद करने में हिंचकते हैं। लोगों के दिमाग यही सवाल चलता है कि मदद करने के चक्कर में कहीं हम ही न कानूनी पेंच में फंस जाएं। बता दे कि इसिलिए हमारे देश में गुड सेमेरिटन कानून है, जिसके बारे में सभी लोगों को जानना चाहिए।
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क्या घायल की मदद करने वाले से पुलिस गवाही ले सकती है? - फोटो : AI
Good Samaritan Law: सड़क दुर्घटना के समय अक्सर लोग कानूनी पचड़ों, पुलिसिया पूछताछ और अदालती चक्करों के डर से घायलों की मदद करने से पीछे हट जाते हैं। मगर ये बात बहुत कम लोगों को मालूम है कि हमारे देश में 'गुड सेमेरिटन' यानी 'नेक मददगार' कानून लागू है, जो आपकी पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करता है। यह कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि अगर आप किसी घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाते हैं या उसकी जान बचाने में मदद करते हैं, तो पुलिस या प्रशासन आपको गवाह बनने के लिए मजबूर नहीं कर सकती।

आपकी पहचान गोपनीय रखना आपका अधिकार है। इतना ही नहीं अस्पताल का स्टाफ भी आपसे इलाज के खर्च या कागजी कार्रवाई के लिए दबाव नहीं बना सकते। इस कानून के तहत आपको किसी भी तरह की दीवानी या आपराधिक जिम्मेदारी से मुक्त रखा गया है। आइए इस लेख में इसी से विस्तार से जानते हैं।
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Road Accident - फोटो : AdobeStock
मददगारों को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा
  • पुलिस या अस्पताल प्रशासन आपको अपनी पहचान उजागर करने या निजी जानकारी देने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।
  • किसी भी मददगार पर घायल की जान जाने या चोट लगने की स्थिति में कोई दीवानी या आपराधिक केस नहीं चलाया जा सकता।
  • कोई भी सरकारी या निजी अस्पताल घायल का इलाज शुरू करने से पहले मददगार से पैसों की मांग नहीं कर सकता।
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पुलिस और अदालती कार्यवाही के नियम - फोटो : अमर उजाला
पुलिस और अदालती कार्यवाही के नियम
  • अगर आप गवाह बनना चाहते हैं, तो ही पुलिस आपका बयान दर्ज करेगी, यह पूरी तरह आपकी इच्छा पर निर्भर है।
  • गवाही के लिए बार-बार थाने या कोर्ट जाने की जरूरत नहीं है, कानून वीडियो कॉल के जरिए बयान देने की सुविधा देता है।
  • पूछताछ के दौरान पुलिस को मददगार के साथ सम्मान से पेश आना होगा और उन्हें डराया-धमकाया नहीं जा सकता।

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Road Accident - फोटो : AdobeStock
मदद करते समय इन बातों का रखें ध्यान
  • दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा सबसे कीमती होता है, जितनी जल्दी अस्पताल पहुंचाएंगे, बचने की संभावना उतनी अधिक होगी।
  • अगर आप घायल को खुद नहीं ले जा सकते, तो तुरंत 108 या पुलिस को सूचना दें और एम्बुलेंस का इंतजार करें।
  • अगर आपको प्राथमिक उपचार की जानकारी है, तो खून रोकने या सांस लेने में मदद करने की कोशिश जरूर करें।
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Investment - फोटो : AdobeStock
सरकार की प्रोत्साहन योजना
  • सरकार मददगारों को प्रोत्साहित करने के लिए 5,000 रुपये तक की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान करती है।
  • बहुत गंभीर मामलों में जान बचाने वालों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित किया जाता है ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
  • इस कानून का उद्देश्य समाज में डर को खत्म करना है ताकि सड़क पर तमाशबीन बनने के बजाय लोग रक्षक बनें।
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