अगर आप नौकरीपेशा हैं और आपका प्रोविडेंट फंड अकाउंट है, तो उसमें नॉमिनी जोड़ना बेहद जरूरी है। इससे भविष्य में कभी भी पीएफ मेंबर के साथ अगर किसी तरह की अनहोनी होती है तो उस परिस्थिति में नॉमिनी को आसानी से सारा लाभ मिलता है। शादी से पहले ज्यादातर लोग माता या पिता को नॉमिनी बनाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शादी के बाद ईपीएफ और ईपीएस अकाउंट में आपने जिसे भी नॉमिनी बनाया है उसका नाम खारिज हो जाता है? जी हां, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के नियम के अनुसार जैसे ही आप शादी करते हैं ईपीएफ और ईपीएस खाते में आपने जिसे भी अपना नॉमिनी बनाया हुआ है वो अमान्य हो जाता है और आपको नए सिरे से नए नॉमिनी की जानकारी ईपीएफओ को देनी होगी। आइए जानते हैं और क्या कहता है ईपीएफओ का नियम...