Digital Personal Data Protection Bill: आज के इस दौर को डिजिटल क्रांति की संज्ञा दी जाए तो गलत नहीं होगा। इस नए युग में सूचना तकनीक ने भौतिक संसार के समानांतर एक ऐसी डिजिटल दुनिया खड़ी की है, जहां हम घर बैठे ही अपनी उंगलियों के सहारे पूरी दुनिया का जायजा ले पा रहे हैं। अब हम एक चौथी औद्योगिक क्रांति में कदम रख चुके हैं। यह दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग का है। एक तरफ जहां इस डिजिटल दुनिया में हमारे कई काम काफी आसान हो गए हैं। वहीं उसी के समानांतर इसके कई बड़े खतरे भी सामने निकलकर आ रहे हैं। आज के समय इंटरनेट की दुनिया में हमारे निजी डाटा का इस्तेमाल करके हमारी सोचने समझने की शक्ति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में निजी डाटा की सुरक्षा को लेकर बीते लंबे समय से बहस चलती आ रही है। इसी वजह से देश में कई पॉलिसी संस्थाओं ने निजी डाटा संरक्षण के मुद्दे पर कानून बनाने की मांग की थी।