फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारतीय रेल के 3E और 3A क्लास में क्या है अंतर? कहीं 2A और 2S को एक ही तो नहीं मान रहे आप

Wed, 26 Aug 2026 07:29 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर ऐसा होता है कि लोग रेलवे टिकट बुक करते समय काफी कंफ्यूज़ हो जाते हैं। जब ऐप में 2S, 2A, 3A, 3E जैसे कोड दिखते हैं, तो दिमाग में उलझन आना स्वाभाविक है। इसलिए आइए, इस लेख में इन्हीं के बारे में विस्तार से समझते हैं।
विज्ञापन
1 of 5
रेलवे 3E और 3A में अंतर - फोटो : AI
Difference Between 3E and 3A Railway: भारतीय रेलवे में सफर करने के लिए जब भी हम ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं, तो 3A, 3E, 2A और 2S जैसे कई कोड दिखाई देते हैं। जानकारी के अभाव में अक्सर आम यात्री इन कोड्स को लेकर उलझ जाते हैं और गलत क्लास में टिकट बुक कर लेते हैं। 

कई लोग 3E को 3A जैसा ही समझ लेते हैं, जबकि कुछ यात्री 2A और 2S को एक ही क्लास मानने की भूल कर बैठते हैं। आपकी यात्रा को आरामदायक और भ्रममुक्त बनाने के लिए इन सभी रेलवे क्लासेस के बीच के मुख्य अंतर को बेहद सरल शब्दों में समझना बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में एक-एक करते इसके बारे में समझते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
Indian Railways - फोटो : AdobeStock
3A (थर्ड एसी) और 3E (थर्ड एसी इकोनॉमी) में अंतर
  • एसी 3A कोच में एक केबिन में 6 और साइड में 2 यानी कुल 8 सीटें होती हैं, जबकि एसी 3E कोच में एक केबिन में 6 और साइड में भी 3 सीटें होती हैं।
  • बता दें कि एसी 3A कुल 72 सीटें होती हैं वहीं एसी 3E में कुल 83 सीटें होती हैं।
  • 3E कोच में सीटों के बीच की दूरी 3A के मुकाबले थोड़ी कम होती है, जिससे लंबे यात्रियों को थोड़ी तंगी लग सकती है।
  • 3E क्लास का किराया 3A (थर्ड एसी) की तुलना में लगभग 6% से 8% तक सस्ता होता है, जो बजट यात्रियों के लिए एसी सफर का बेहतरीन विकल्प है।
  • 3E में हर सीट के लिए अलग एसी वेंट, रीडिंग लाइट और चार्जिंग सॉकेट दिए गए हैं, जबकि 3A में पूरे केबिन के लिए कॉमन वेंट होता है।
विज्ञापन

3 of 5
Indian Railways - फोटो : Adobe Stock
2A (सेकंड एसी) की खासियतें और सुविधाएं
  • 2A का मतलब 'AC 2-Tier' होता है, जिसमें कोच के एक केबिन में केवल 4 सीटें (2 ऊपर, 2 नीचे) और साइड में 2 सीटें होती हैं।
  • इसमें मिडल बर्थ (मध्यम सीट) नहीं होती है, जिससे यात्रियों को बैठने और सोने के लिए काफी ज्यादा जगह मिलती है।
  • यात्रियों की निजता बनाए रखने के लिए हर केबिन में पर्दे लगे होते हैं, जो 3A और 3E में नहीं मिलते।
  • इसका किराया 3A से काफी ज्यादा होता है और इसमें यात्रियों की भीड़ कम होने के कारण सफर बहुत शांत और आरामदायक रहता है।

4 of 5
2S (सेकंड सीटिंग) क्या है और यह 2A से कैसे अलग है - फोटो : Adobe Stock
2S (सेकंड सीटिंग) क्या है और यह 2A से कैसे अलग है
  • 2S का मतलब 'सेकेंड सिटिंग' यानी बैठने वाली दूसरी श्रेणी है, जो पूरी तरह से नॉन-एसी कोच होता है।
  • इसमें सोने के लिए बर्थ नहीं होती, बल्कि बैठने के लिए गद्देदार या लकड़ी की बेंच/सीटें होती हैं, जिनमें एक तरफ 4 और दूसरी तरफ 4 यात्री बैठते हैं।
  • यह भारतीय रेलवे का सबसे सस्ता आरक्षित क्लास है, जिसका किराया 2A (सेकंड एसी) के मुकाबले कई गुना कम होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
टिकट बुकिंग के समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
टिकट बुकिंग के समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें
  • अगर आप कम बजट में एसी का सफर चाहते हैं और थोड़ी कम जगह से समझौता कर सकते हैं, तो 3E चुनें।
  • रात के लंबे सफर में अगर आराम से सोना चाहते हैं, तो 3A (3AC) या ज्यादा प्राइवेसी के लिए 2A (2AC) की टिकट ही बुक करें।
  • दिन के समय सिर्फ 4 से 6 घंटे की छोटी यात्रा के लिए कम खर्च में 2S सबसे सही विकल्प रहता है।
  • इस बात ध्यान रखें कि '2A' प्रीमियम एसी क्लास है जबकि '2S' साधारण बैठने वाला नॉन-एसी कोच है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें