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Fraud Alert: क्रेडिट कार्ड के नाम पर जालसाजों ने ठगने के लिए अपनाया नया तरीका? जानें कैसे झांसे में ले रहे ठग

Wed, 06 May 2026 11:47 AM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Cyber Fraud Alert: इन दिनों ठगों ने लोगों का बैंक अकाउंट खाली करने का एक नया पैंतरा अपनाया है। इसमें ठग आपसे बैंक कर्मचारी बनकर कॉल करते हैं और आपको क्रेडिट कार्ड के लुभावने ऑफर देते हैं। आइए इस पूरी बात को सरल तरीके से समझते हैं।
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क्रेडिट कार्ड के नाम हो रही है ठगी - फोटो : AI
Credit Card Fraud: आज के डिजिटल युग में जहां बैंकिंग से जुड़े काम घर बैठे आसान हो गए हैं, वहीं साइबर ठगों का जाल भी तेजी से फैल रहा है। ये जालसाज अक्सर अनजान नंबरों से फोन कर आपको लुभावने क्रेडिट कार्ड ऑफर्स का लालच देते हैं और खुद को बैंक अधिकारी बताकर आपका भरोसा जीत लेते हैं। इसके बाद, वेरिफिकेशन के नाम पर चालाकी से आपकी निजी और गोपनीय जानकारी हासिल कर ली जाती है। 

इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए यह समझना जरूरी है कि बैंक कभी भी आपसे फोन पर निजी जानकारी नहीं मांगता। सतर्कता और सावधानी ही आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने का एकमात्र प्रभावी रास्ता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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ऐसे जाल में फंसाते हैं ठग - फोटो : अमर उजाला
ठगों के जाल में फंसने की शुरुआत
  • आपको किसी अज्ञात नंबर से फोन आएगा, जिसमें भारी डिस्काउंट या लाइफटाइम फ्री क्रेडिट कार्ड का ऑफर दिया जाएगा।
  • प्रक्रिया को असली दिखाने के लिए वे आपसे सैलरी स्लिप और आधार कार्ड जैसे संवेदनशील दस्तावेज मांगते हैं।
  • आधार और सैलरी स्लिप के जरिए ठग आपकी वित्तीय क्षमता और व्यक्तिगत पहचान की जानकारी चुरा लेते हैं।
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ओटीपी न दें - फोटो : FREEPIK
ओटीपी (OTP) का असली खतरा
  • अगर कोई गलती से दस्तावेज दे देता है, तो जालसाज उसके मोबाइल पर एक ओटीपी भेजते हैं। 
  • ठग आपसे ये बोलेंगे कि ये क्रेडिट कार्ड इश्यू करने के लिए वेरिफिकेशन वाला ओटीपी है, लेकिन असल में ये ट्राजेक्शन वाला ओटीपी होता है।
  • बैंक अधिकारी बनकर वे आपसे वह ओटीपी मांगेंगे, जिसे साझा करते ही आपका खाता खाली हो सकता है।
  • इसी ओटीपी के माध्यम से ठग आपके नाम पर फर्जी ट्रांजेक्शन या लोन की प्रक्रिया पूरी करते हैं।

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बचाव के लिए क्या करें? - फोटो : FREEPIK
बचाव के लिए क्या करें?
  • किसी भी अनजान कॉलर को व्हाट्सएप या ईमेल पर आधार कार्ड या सैलरी स्लिप जैसे दस्तावेज कभी न भेजें।
  • ध्यान रखें कि कोई भी असली बैंक कभी भी आपसे फोन पर ओटीपी, पिन या पासवर्ड नहीं मांगता है।
  • क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता होने पर हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या नजदीकी शाखा में संपर्क करें।
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फ्रॉड होने पर तुरंत करें कार्रवाई - फोटो : FREEPIK
धोखा होने पर तुरंत कार्रवाई
  • अगर आप ठगी का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर '1930' पर कॉल करें।
  • संबंधित बैंक को तुरंत सूचित करें ताकि आपके कार्ड या खाते को समय रहते ब्लॉक किया जा सके।
  • अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराने के लिए आधिकारिक पोर्टल 'www.cybercrime.gov.in' का उपयोग करें।
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