Rules Of e-sign In India: डिजिटल क्रांति के इस दौर में अब कागजों पर पेन से दस्तखत करने की परंपरा धीरे-धीरे पीछे छूट रही है और इसकी जगह 'ई-साइन' लेती जा रही है। अक्सर लोग ई-साइन को सिर्फ फोटो खींचकर चिपकाना समझते हैं, जबकि यह एक हाई-लेवल एन्क्रिप्टेड तकनीक है जो आधार या डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट पर आधारित होती है।
नए आईटी नियमों के अनुसार, ई-साइन को भी फिजिकल सिग्नेचर के लगभग बराबर कानूनी मान्यता प्राप्त है, लेकिन इसकी कुछ सीमा हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर जरूरी दस्तावेजों को प्रमाणित कर सकते हैं। मगर क्या यह वाकई फिजिकल सिग्नेचर जितना सुरक्षित है? आइए समझते हैं कि ई-साइन कैसे काम करता है और यह हमारे पारंपरिक हस्ताक्षर से किस तरह अलग है।