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परिवार के पास बैठने के लिए बदल ली सीट? पहले जान लें रेलवे का यह जरूरी नियम

Tue, 01 Sep 2026 10:17 AM IST
दीक्षा पाठक यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला

सार

Changed Your Seat: ट्रेन में सफर के दौरान परिवार या दोस्तों के पास बैठने के लिए सीट बदलना सामान्य बात है, लेकिन किसी दूसरी रिजर्व सीट पर बिना अनुमति बैठना परेशानी खड़ी कर सकता है। रेलवे नियमों के तहत सीट बदलने या खाली बर्थ लेने के लिए TTE से बात करना जरूरी है। कन्फर्म टिकट किसी दूसरे को देना या बिना कन्फर्म टिकट रिजर्व कोच में यात्रा करना भी नियमों के दायरे में आता है।
 
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खाली सीट दिखी और बैठ गए? - फोटो : AI
ट्रेन में लंबी यात्रा के दौरान परिवार और दोस्तों के साथ बैठने की इच्छा होना बिल्कुल आम बात है। कई बार एक ही परिवार के लोगों की सीटें अलग-अलग जगह मिल जाती हैं। ऐसे में यात्री आपस में सीट बदल लेते हैं ताकि सफर साथ में कट सके। लेकिन सीट बदलने और किसी दूसरी रिजर्व सीट पर अपनी मर्जी से जाकर बैठने में बड़ा अंतर है। अगर दो यात्री आपसी सहमति से अपनी सीटों की अदला-बदली करते हैं, तो स्थिति अलग हो सकती है। लेकिन किसी खाली दिख रही या किसी अन्य यात्री के नाम पर रिजर्व सीट को बिना अनुमति अपनी सीट मानकर बैठ जाना मुश्किल पैदा कर सकता है। रेलवे में हर रिजर्व बर्थ का अधिकार तय यात्री के पास होता है। ऐसे मामलों में सबसे सही तरीका TTE से बात करना है। अगर किसी यात्री को परिवार के पास बैठने के लिए सीट बदलनी है या दूसरी बर्थ की जरूरत है तो TTE रेलवे के नियमों के अनुसार उपलब्ध सीटों और परिस्थितियों को देखकर मदद कर सकता है। इसलिए खुद फैसला लेने के बजाय TTE की अनुमति लेना ज्यादा सुरक्षित रहता है।
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train indian railways train colour - फोटो : AI Generated
TTE कर सकता है सीट में बदलाव
यात्रा के दौरान अगर कोई बर्थ खाली है या किसी यात्री को सीट बदलने की जरूरत पड़ती है तो TTE नियमों के तहत सीट की व्यवस्था कर सकता है। कई बार यात्रियों की सुविधा और उपलब्धता को देखते हुए बदलाव किया जाता है। लेकिन इसका फैसला यात्री अपनी मर्जी से नहीं कर सकता। बिना पूछे दूसरे यात्री की रिजर्व सीट पर बैठने से विवाद भी हो सकता है। अगर संबंधित यात्री अपनी सीट पर पहुंचता है, तो आपको सीट खाली करनी पड़ सकती है। नियमों का उल्लंघन होने पर जुर्माने जैसी कार्रवाई की स्थिति भी बन सकती है।
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train indian railways train colour - फोटो : AI Generated
कंफर्म टिकट किसी और को नहीं दे सकते
कंफर्म रेलवे टिकट को अपनी मर्जी से किसी दूसरे व्यक्ति को देना या बेचना भी नियमों के खिलाफ है। रेलवे की अनुमति के बिना रिजर्व टिकट को किसी अन्य व्यक्ति के इस्तेमाल के लिए देना कानूनी परेशानी पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ जेल की सजा का भी प्रावधान हो सकता है।
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train indian railways train colour - फोटो : AI Generated
वेटिंग टिकट वालों को भी रखना चाहिए ध्यान
कई बार यात्री सोचते हैं कि शायद ट्रेन में चढ़ने के बाद कोई सीट मिल जाएगी और वे वेटिंग टिकट कन्फर्म न होने के बावजूद रिजर्व कोच में सफर करने की कोशिश करते हैं। ऐसी स्थिति में रेलवे अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं। यात्री से जुर्माने के साथ अतिरिक्त किराया भी वसूला जा सकता है। इसलिए ट्रेन में सीट बदलनी हो, खाली बर्थ चाहिए हो या परिवार के पास बैठना हो तो सबसे पहले TTE से संपर्क करें। कुछ मिनट की सुविधा के लिए अपनी मर्जी से दूसरी रिजर्व सीट पर बैठना बाद में परेशानी का कारण बन सकता है।

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