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कार एक्सीडेंट होने पर इंश्योरेंस कंपनी को भूलकर भी न बोलें ये 3 बातें, वरना रिजेक्ट हो जाएगा क्लेम

Wed, 15 Jul 2026 02:53 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Accident Insurance Claim Tips: अक्सर ऐसा होता है कि जब किसी का एक्सिडेंट होता है, तो कुछ लोग इंश्योरेंस क्लेम के समय कुछ ऐसी बातें बोल देते हैं, जिसकी वजह से उनका क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं कि किन बातों को बोलने से बचना चाहिए।
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कार इंश्योरेंस क्लेम नियम - फोटो : AI
Car Insurance Claim Rejection Reasons: सड़क पर गाड़ी चलाते समय दुर्घटना होना एक बेहद तनावपूर्ण अनुभव होता है। ऐसे समय में पैसों के नुकसान से बचने के लिए कार इंश्योरेंस सबसे बड़ा सहारा होता है। मगर कई बार लोग एक्सीडेंट के बाद घबराहट में या अनजाने में इंश्योरेंस कंपनी से बात करते समय कुछ ऐसी गलत बातें बोल देते हैं, जिससे उनका वैध क्लेम भी तुरंत रिजेक्ट (खारिज) हो जाता है। 

एक आम इंसान को यह मालूम होना चाहिए कि क्लेम पास कराना पूरी तरह आपकी सही और सटीक जानकारी पर निर्भर करता है। आइए इस लख में यही समझते हैं कि क्लेम करते समय आपको किन बातों को बोलने से हर हाल में बचना चाहिए।
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इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट - फोटो : Adobe Stock
"गलती पूरी तरह मेरी ही थी" कहने से बचें
एक्सीडेंट के तुरंत बाद इंश्योरेंस सर्वेक्षक या कंपनी के सामने खुद ही अपनी गलती स्वीकार न कर लें। कानूनन और तकनीकी रूप से दुर्घटना की वजह कुछ भी हो सकती है, जैसे सामने वाले की लापरवाही या अचानक आई यांत्रिक खराबी। खुद पर दोष लेने से कंपनियां क्लेम खारिज कर देती हैं। आप सिर्फ घटना का सच और सीधा विवरण दें, दोष तय करने का काम जांच अधिकारियों पर छोड़ दें।
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इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट - फोटो : Adobe Stock
"गाड़ी को मेरा दोस्त या कोई अन्य व्यक्ति चला रहा था"
अगर आपके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस है, लेकिन आपने क्लेम फॉर्म में या फोन पर कह दिया कि गाड़ी कोई ऐसा व्यक्ति चला रहा था जिसके पास वैलिड लाइसेंस नहीं था, तो क्लेम तुरंत रिजेक्ट हो जाएगा। इसके अलावा, बिना पूरी जानकारी के चालक का नाम बदलने या गलत जानकारी देने की भूल कभी न करें। हमेशा वही सच बताएं जो मौके पर वास्तव में हुआ था।

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इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट - फोटो : Adobe Stock
"हादसा दो-तीन दिन पहले हुआ था लेकिन सूचना अब दे रहा हूं"
इंश्योरेंस कंपनियों के नियमों के अनुसार किसी भी एक्सीडेंट की सूचना तुरंत (आमतौर पर 24 से 48 घंटे के भीतर) देना अनिवार्य होता है। अगर आप बिना किसी ठोस चिकित्सा आपातकाल के कंपनी को देरी से सूचित करते हैं और कहते हैं कि समय नहीं मिला, तो कंपनी देरी का बहाना बनाकर आपकी फाइल बंद कर सकती है। घटना होते ही सबसे पहले कंपनी को फोन पर सूचित करें।
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इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट - फोटो : Adobe Stock
सुरक्षित क्लेम पाने के लिए आम इंसान रखें इन बातों का ध्यान
दुर्घटना होते ही सबसे पहले सुरक्षित स्थान पर रुकें और अगर संभव हो तो दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की तस्वीरें और एक छोटा सा वीडियो बना लें। इसके बाद बिना किसी देरी के अपनी इंश्योरेंस कंपनी के कस्टमर केयर पर कॉल करके क्लेम रजिस्टर कराएं। मैकेनिक या किसी बाहरी व्यक्ति के झांसे में आकर झूठी कहानी बनाने के बजाय हमेशा पूरी तरह सच्ची और स्पष्ट जानकारी ही साझा करें।
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