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Railway Rule: क्या ट्रेन के फर्स्ट एसी केबिन को गुब्बारों और फूल पत्तियों से सजा सकते हैं? जानें रेलवे का नियम

Thu, 09 Jul 2026 08:05 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Decorate Train AC Cabin Rules: बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ट्रेन के फर्स्ट एसी केबिन का एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें केबिन को काफी अच्छे से सजाया गया था और अंदर बड़े अक्षरों में 'आई लव यू' लिखा हुआ था। रेलवे ने इसे गंभीरता लिया है इसपर सख्त कार्रवाई की है।
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नंदीग्राम एक्सप्रेस वायरल वीडियो (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AI
Decorate Train AC Cabin Rules: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महाराष्ट्र के बल्लारशाह से मुंबई जाने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच को एक 'हनीमून सुइट' की तरह गुब्बारों और फूलों से सजाया गया देखा जा सकता है। 6 जुलाई 2026 को यात्रा कर रहे एक जोड़े ने ऑनलाइन निजी डेकोरेटर बुक करके जालना स्टेशन पर ट्रेन के भीतर इस सजावट को अंजाम दिया था।

जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, भारतीय रेलवे ने इसे एक गंभीर लापरवाही माना और ड्यूटी पर मौजूद टीटीई को तुरंत सस्पेंड कर दिया। आइए इस लेख में समझते हैं कि रेल यात्रा करते समय यात्रियों को किन नियमों का उलंघन नहीं करना चाहिए।
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रेलवे परिसर में बिना अनुमति सजावट पूरी तरह प्रतिबंधित - फोटो : AdobeStock
रेलवे परिसर में बिना अनुमति सजावट पूरी तरह प्रतिबंधित
बता दें कि भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक, कोई भी यात्री अपनी मर्जी से ट्रेन के डिब्बे, केबिन या कूप को गुब्बारों, फूलों या किसी भी अन्य चीज से नहीं सजा सकता है। रेल कोच एक सार्वजनिक संपत्ति है, और इसके मूल स्वरूप या आंतरिक बनावट के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करना रेलवे अधिनियम के तहत पूरी तरह से गैरकानूनी माना जाता है।

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Indian Railways - फोटो : AdobeStock
निजी डेकोरेटर की एंट्री पर है सख्त पाबंदी
रेलवे ने ट्वीट कर साफ किया है कि जालना स्टेशन पर बाहरी डेकोरेटर का ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में घुसना पूरी तरह अनाधिकृत था। सुरक्षा नियमों के अनुसार, बिना वैध टिकट या बिना आधिकारिक पास के कोई भी बाहरी वेंडर या डेकोरेटर ट्रेन के भीतर प्रवेश नहीं कर सकता। ऐसा करना रेलवे सुरक्षा और पैसेंजर्स की प्राइवेसी के नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

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Indian Railways - फोटो : Adobe Stock
सजावट से बढ़ जाता है आग और दुर्घटना का खतरा
ट्रेन के भीतर गुब्बारे चिपकाने के लिए टेप या केमिकल का इस्तेमाल और ज्वलनशील चीजें ले जाना मना है। रेलवे का मानना है कि इस तरह की सजावट से कोच के अंदर लगे स्मोक डिटेक्टर (धुआं पहचानने वाले यंत्र) या आपातकालीन अलार्म छिप सकते हैं। इसके अलावा, शॉर्ट सर्किट या आग लगने की स्थिति में ये सामग्रियां हादसे को और ज्यादा भड़का सकती हैं।
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Indian Railways - फोटो : Adobe Stock
नियम तोड़ने पर सस्पेंशन और कानूनी कार्रवाई का नियम
इस घटना के बाद रेलवे ने संबंधित स्टाफ सदस्य को सस्पेंड कर दिया है और एक विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। अगर कोई यात्री ट्रेन में ऐसी अनाधिकृत गतिविधि करता पाया जाता है, तो रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत उसका टिकट रद्द किया जा सकता है, उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और मामले की गंभीरता के हिसाब से उसे हिरासत में भी लिया जा सकता है।
 
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