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क्या बार-बार चेक बाउंस होने पर बैंक फ्रीज कर सकता है आपका अकाउंट? जानें आरबीआई का नियम

Tue, 13 Oct 2026 07:00 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Bank Account Freeze Causes: चेक का बाउंस होना वित्तीय लेनदेन में एक बड़ी लापरवाही माना जाता है। इससे न केवल आपको भारी-भरकम बाउंस चार्ज देना पड़ता है, बल्कि आपके सिबिल स्कोर और क्रेडिट हिस्ट्री पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है। आइए, इस लेख में विस्तार से समझते हैं कि चेक बाउंस होने पर आपके खिलाफ क्या-क्या कानूनी और बैंकिंग कार्रवाइयां हो सकती हैं।
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चेक बाउंस आरबीआई नियम - फोटो : AI
Cheque Bounce RBI Rules: बिजनेस या निजी लेनदेन के लिए चेक का इस्तेमाल आज भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आपके खाते से बार-बार चेक बाउंस होता है, तो बैंक आपके खिलाफ सख्त कदम उठा सकता है? भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, खाते में पर्याप्त राशि न होना या दस्तखत मैच न करना चेक बाउंस होने का मुख्य कारण बनता है।

हालांकि, सिर्फ एक बार गलती होने पर बैंक तुरंत खाता फ्रीज नहीं करता, लेकिन बार-बार यह लापरवाही दोहराने पर बैंक आपकी चेक बुक सुविधा बंद कर सकता है और गंभीर मामलों में आपके अकाउंट के संचालन पर भी रोक लगा सकता है। आइए इस लेख में समझते हैं कि आरबीआई के इस बारे में क्या दिशा-निर्देश हैं।
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cheque book - फोटो : Adobe Stock
बार-बार चेक बाउंस होने पर आरबीआई के दिशानिर्देश
  • आरबीआई के नियमों के मुताबिक, अगर किसी ग्राहक का 1 करोड़ या उससे अधिक राशि का चेक बार-बार बाउंस होता है, तो बैंक उसकी चेक बुक सुविधा तुरंत बंद कर देता है। 
  • इसके अलावा, बार-बार बाउंस होने पर बैंक ग्राहक को नया चेक इश्यू करने से मना कर सकता है।
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cheque book - फोटो : Adobe Stock
क्या बैंक सचमुच फ्रीज कर सकता है आपका बचत खाता?
  • आमतौर पर साधारण चेक बाउंस होने पर बैंक सीधे अकाउंट फ्रीज नहीं करता, लेकिन कोर्ट का आदेश आने या गंभीर धोखाधड़ी की आशंका होने पर बैंक खाते को होल्ड पर डाल सकता है।
  • इसके साथ ही बैंक आपसे भारी बाउंस चार्ज भी वसूलता है।

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cheque book - फोटो : Adobe Stock
धारा 138 के तहत कानूनी कार्रवाई और जेल का प्रावधान
  • चेक बाउंस होना सिर्फ बैंकिंग नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि एक आपराधिक अपराध भी है।
  • नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत चेक पाने वाला व्यक्ति आपको कानूनी नोटिस भेज सकता है और मामला कोर्ट में जाने पर 2 साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है।
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cheque book - फोटो : Adobe Stock
सिबिल स्कोर पर पड़ता है बुरा असर
  • बार-बार चेक बाउंस होने से आपका वित्तीय रिकॉर्ड खराब होता है, जिसका सीधा असर आपके सिबिल स्कोर पर पड़ता है।
  • क्रेडिट स्कोर खराब होने के बाद भविष्य में किसी भी बैंक से होम लोन, पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है।
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