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जमीन-फ्लैट खरीदने का बना रहे हैं प्लान? इन 4 सरकारी कागजातों को चेक किए बिना न करें सौदा

Mon, 21 Sep 2026 03:25 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Documents to Check Before Buying Flat: अक्सर ये देखने को मिलता है कि लोगों के साथ प्रॉपर्टी खदीते समय फ्रॉड हो जाता है। ये समझना जरूरी है कि अगर आप किसी भी जमीन या मकान को खरीदने से पहले कुछ दस्तावेजों को जांच लेते हैं तो आपके साथ फ्रॉड होने की संभावना काफी कम हो जाती है। आइए इसी के बारे में समझते हैं।
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जमीन खरीदने के नियम - फोटो : AI
Property Buying Guide India: जीवनभर की गाढ़ी कमाई लगाकर जब कोई आम इंसान अपने सपनों का घर, फ्लैट या जमीन खरीदता है, तो धोखाधड़ी का डर हमेशा रहता है। हम सभी जानते हैं कि आजकल प्रॉपर्टी के नाम पर फर्जीवाड़े बहुत बढ़ गए हैं, जहां कुछ मामलों में एक ही जमीन कई लोगों को बेच दी जाती है, वहीं कुछ में फर्जी कागज के आधार विवादित जमीनों को भी बेच दिया जा सकता है।

ऐसे धोखे और कोर्ट-कचहरी के चक्कर से बचने के लिए जरूरी है कि आप पैसे देने से पहले कागजातों की बारीकी से जांच कर लें। आइए इस लेख में समझते हैं कि प्रॉपर्टी खरीदते समय किन 4 सबसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों को देखना अनिवार्य होता है।
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टाइटल डीड (मालिकाना हक का कागज) - फोटो : Adobe Stock
टाइटल डीड (मालिकाना हक का कागज)
  • सबसे पहले आपको जमीन या फ्लैट का 'टाइटल डीड' यानी सेल डीड देखना चाहिए।
  • यह वह मुख्य कागज है जो साबित करता है कि प्रॉपर्टी को बेचने वाला ही उसका असली मालिक है।
  • आपको यह देखना होगा कि यह कागज सरकारी रजिस्ट्रार ऑफिस में पंजीकृत (रजिस्टर्ड) है या नहीं।
  • इससे यह साफ हो जाता है कि बेचने वाले के पास उसे बेचने का पूरा कानूनी अधिकार है और कोई विवाद नहीं है।
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भारमुक्त प्रमाण पत्र - फोटो : Adobe Stock
भारमुक्त प्रमाण पत्र (Non-Encumbrance Certificate)
  • दूसरा सबसे जरूरी दस्तावेज ईसी यानी भारमुक्त प्रमाण पत्र होता है। यह कागज सरकारी सब-रजिस्ट्रार ऑफिस से मिलता है।
  • इसे देखने से पता चल जाता है कि जिस जमीन या फ्लैट को आप खरीद रहे हैं, उस पर कोई बैंक लोन या कर्ज तो नहीं चल रहा है।
  • साथ ही इससे यह भी साफ हो जाता है कि उस प्रॉपर्टी पर कोई कानूनी केस या विवाद तो दर्ज नहीं है।

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दाखिल-खारिज और खतौनी (म्यूटेशन) - फोटो : Adobe Stock
दाखिल-खारिज और खतौनी (म्यूटेशन)
  • तीसरा महत्वपूर्ण कागज दाखिल-खारिज और खतौनी होता है। जब भी कोई जमीन बिकती है, तो सरकारी रिकॉर्ड में पुराने मालिक का नाम हटाकर नए मालिक का नाम दर्ज किया जाता है।
  • आपको तहसील जाकर यह जरूर चेक करना चाहिए कि जो व्यक्ति आपको जमीन बेच रहा है, सरकारी रिकॉर्ड और खतौनी में उसी का नाम दर्ज है या नहीं।
  • इससे असली मालिक की सही पहचान हो जाती है।
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पास हुआ नक्शा और रेरा रजिस्ट्रेशन - फोटो : Adobe Stock
पास हुआ नक्शा और रेरा रजिस्ट्रेशन
  • चौथा कागज प्रॉपर्टी का पास हुआ नक्शा है। फ्लैट या मकान खरीदते समय देखें कि उसका नक्शा विकास प्राधिकरण से पास है या नहीं।
  • अगर बिल्डर से फ्लैट ले रहे हैं, तो जांच लें कि वह प्रोजेक्ट सरकारी संस्था 'रेरा' में रजिस्टर्ड है।
  • रेरा में रजिस्टर्ड होने से आपके पैसे डूबने या काम अधूरा छूटने का खतरा नहीं रहता है।
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