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Blue vs Yellow Flame: नीली लौ और पीली लौ में क्या है अंतर? जानें कब आपका चूल्हा ज्यादा गैस बर्बाद कर रहा है

Wed, 15 Apr 2026 04:14 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Gas Stove Blue vs Yellow Flame: जब भी हम गैस स्टोव जलाते हैं तो उसमें या तो नीली लौ निकलती है या पीली लौ के साथ नीली लौ निकलती है। बता दें पीली लौ निकलने का मतलब आपका गैस बर्बाद हो रहा है। आइए इसी के बारे में आसानी से समझते हैं।
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गैस चूल्हा नीली बनाम पीली लौ - फोटो : Adobe Stock
How To Save LPG Gas At Home: क्या आपने कभी गौर किया है कि आपके गैस चूल्हे की आग का रंग कभी नीला तो कभी पीला क्यों हो जाता है?  चूल्हे से निकलने वाली लौ का रंग सिर्फ दिखने में अलग नहीं होता, बल्कि यह सीधे तौर पर आपके गैस के खर्च और बर्तन की उम्र से जुड़ा होता है। नीली लौ का मतलब है कि गैस पूरी तरह जल रही है और आपको अधिकतम गर्मी मिल रही है। 

वहीं, अगर आपके चूल्हे से पीली या संतरी लौ निकल रही है, तो समझ लीजिए कि आपकी कीमती रसोई गैस बर्बाद हो रही है और हवा में जहरीली गैसें घुल रही हैं। एलपीजी की बढ़ती कीमतों के बीच, यह समझना बहुत जरूरी है कि पीली लौ आपकी जेब और सेहत दोनों के लिए हानिकारक है। आइए जानते हैं कि इन दोनों रंगों के पीछे का विज्ञान क्या है और आप घर पर ही इसे कैसे ठीक कर सकते हैं।
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गैस चूल्हा नीली बनाम पीली लौ - फोटो : Adobe Stock
नीली और पीली लौ का असली मतलब
  • नीली लौ (पूर्ण दहन) - यह दर्शाती है कि गैस और ऑक्सीजन का मिश्रण सही है, इसमें सबसे ज्यादा गर्मी पैदा होती है और गैस की बर्बादी शून्य होती है।
  • पीली लौ (अपूर्ण दहन) - इसका मतलब है कि गैस को पूरी ऑक्सीजन नहीं मिल रही, यह लौ कम गर्मी देती है और गैस को बिना जलाए हवा में छोड़ती है।
  • बर्तनों का काला होना - पीली लौ में बिना जले हुए कार्बन कण होते हैं, जो आपके बर्तनों के निचले हिस्से को काला कर देते हैं।
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गैस चूल्हा नीली बनाम पीली लौ - फोटो : Adobe Stock
पीली लौ आने के मुख्य कारण
  • बर्नर के छोटे छेदों में खाना गिरने या गंदगी जमने से ऑक्सीजन का रास्ता रुक जाता है।
  • चूल्हे के अंदरूनी हिस्से में मकड़ी के जाले या धूल होने से हवा और गैस ठीक से नहीं मिल पाते।
  • पुराने पाइप या रेगुलेटर में खराबी की वजह से गैस का दबाव कम या ज्यादा हो सकता है।

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नीलीं आंच मिलती है अधिकतम गर्मी - फोटो : Adobe Stock
गैस बचाने और लौ सुधारने के तरीके
  • हफ्ते में एक बार बर्नर को गर्म पानी और नींबू या ईनो के घोल में डालकर साफ करें।
  • अगर बर्नर के छेद बंद हैं, तो किसी पतले तार या सुई की मदद से उन्हें सावधानी से खोलें।
  • हर दो साल में गैस पाइप जरूर बदलें और सुनिश्चित करें कि पाइप में कोई मुड़ाव या दरार न हो।
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गैस की पीली और नीले रंग की आंच का मतलब क्या है - फोटो : Adobe
बचत और सुरक्षा साथ-साथ
  • हमेशा सुनिश्चित करें कि लौ का रंग गहरा नीला हो, इससे खाना जल्दी पकता है और गैस कम खर्च होती है।
  • अगर सफाई के बाद भी पीली लौ आना बंद न हो, तो तुरंत गैस एजेंसी के मैकेनिक को बुलाकर चूल्हा चेक कराएं।
  • ध्यान रखें एक जागरूक रसोई ही एक बजट-फ्रेंडली और सुरक्षित रसोई है, आज ही अपने चूल्हे की लौ चेक करें।
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