फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साइबर फ्रॉड से कैसे बचें: हितैषी बनकर फोनपर कैसे ठगते हैं जालसाज, ज्यादातर मामलों में अपनाते हैं ये ट्रिक

Tue, 15 Sep 2026 08:10 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

How To Avoid Digital Arrest Scam: देशभर हर दिन साइबर ठगी के कोई न कोई मामले देखने को मिलते हैं। साइबर ठगी में जो सबसे कॉमन बात होती है वो ये कि जालसाज पहले आपको डराते हैं और फिर वो फोन पर ही आपकी काल्पनिक समस्या का सामाधान बताते हैं, जिसके लिए वो पैसे मांगते हैं या फिर वो आपके डर का फायदा उठाकर अपने कंट्रोल में कर लेते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
विज्ञापन
1 of 5
साइबर फ्रॉड से कैसे बचें - फोटो : AI
Phone Fraudsters Posing As Well Wishers: डिजिटल दौर में साइबर स्कैमर्स लोगों को ठगने के लिए रोज नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। आजकल जालसाज अनजान बनकर नहीं, बल्कि आपका असली 'शुभचिंतक' या 'हितैषी' बनकर फोन करते हैं ताकि आसानी से आपका भरोसा जीता जा सके। लोग अक्सर उनकी मीठी बातों और इमरजेंसी का नाटक देखकर झांसे में आ जाते हैं और अपना बैंक खाता खाली करवा बैठते हैं। 

अगर आप इन ठगों की मुख्य ट्रिक्स और चालों को समझ लें, तो खुद को और अपने परिवार को इस नुकसान से बचा सकते हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं ठगी के तरीके।
विज्ञापन

2 of 5
'पहचाना नहीं?...' कहकर रिश्तेदार बनने का नाटक - फोटो : AI जनरेटेड
'पहचाना नहीं?...' कहकर रिश्तेदार बनने का नाटक
  • जालसाज फोन करके सीधे कहते हैं, 'अरे, पहचाना नहीं मुझे? मैं आपका बचपन का दोस्त बोल रहा हूं...' जैसे ही पीड़ित किसी परिचित का नाम लेता है, वे तुरंत हां में हां मिलाकर नया नंबर सेव करने को कहते हैं।
  • इसके बाद वे एक्सीडेंट या मेडिकल इमरजेंसी का झूठा बहाना बनाकर तुरंत पैसों की मांग करते हैं।
  • लोग बिना पुष्टि किए उनके बताए नंबर पर पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
गलती से पैसा आने का झांसा और इमोशनल ड्रामा - फोटो : FREEPIK
गलती से पैसा आने का झांसा और इमोशनल ड्रामा
  • जालसाज आपके फोन पर पैसों के ट्रांसफर का एक फर्जी मैसेज या स्क्रीनशॉट भेजते हैं।
  • इसके बाद वे फोन पर रोने या परेशान होने का अभिनय करके कहते हैं कि इलाज के पैसे गलती से आपके खाते में चले गए हैं।
  • लोग इंसानियत के नाते बिना अपना बैंक बैलेंस चेक किए फर्जी मैसेज पर विश्वास करके अपने पास से पैसे भेज देते हैं।

4 of 5
डिजिटल अरेस्ट और डराकर मदद का ढोंग - फोटो : Freepik
डिजिटल अरेस्ट और डराकर मदद का ढोंग
  • खुद को पुलिस, सीबीआई या कूरियर कंपनी का बड़ा अधिकारी बताकर जालसाज पीड़ित को पार्सल में ड्रग्स या फर्जी दस्तावेज मिलने का डर दिखाते हैं। 
  • इसके बाद वे हितैषी बनकर कहते हैं कि वे कोर्ट-कचहरी के चक्कर से बचा लेंगे।
  • केस रफा-दफा करने और गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर वे लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बिजली बिल या कूरियर अपडेट के नाम पर ठगी - फोटो : Freepik
बिजली बिल या कूरियर अपडेट के नाम पर ठगी
  • कई मामलों में जालसाज बिजली काटने या कूरियर रुकने का फर्जी मैसेज भेजते हैं।
  • संपर्क करने पर वे 10 रुपये के वेरिफिकेशन भुगतान का झांसा देते हैं या एनीडेस्क जैसी स्क्रीन-शेयरिंग एप डाउनलोड करवाते हैं।
  • एप डाउनलोड होते ही उनके पास आपके फोन का पूरा कंट्रोल आ जाता है, जिससे वे चंद मिनटों में आपका खाता खाली कर देते हैं।
  • कई मामलों में जालजाज कूरियर का ओटीपी बोलकर बैंक का ओटीपी मांग लेते हैं, जिसके बाद लोगों का बैंक अकाउंट खाली हो जात है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें