आधार कार्ड की शुरुआत भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने साल 2009 में की थी। यह कार्ड व्यक्ति की पहचान को प्रमाणित करने का काम करता है। इसे यूआईडीएआई द्वारा जारी किया जाता है। आधार कार्ड में 12 अंकों की विशिष्ट संख्या दर्ज होती है, जो हर किसी व्यक्ति के लिए अलग-अलग होती है। आज के समय यह काफी जरूरी दस्तावेज है। किसी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास इस कार्ड का होना जरूरी है। यही नहीं बैंक खाता खुलवाने, स्टॉक या म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करने आदि कई जरूरी कार्यों में इस कार्ड की खास जरूरत हम लोगों को होती है। आधार कार्ड में हमारी बायोमैट्रिक और डेमोग्राफिक डिटेल्स होती हैं। आधार कार्ड ने भारत को डिजिटल रूप से सशक्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।