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Women's Day: पिछले एक साल में इन महिला खिलाड़ियों ने बढ़ाया देश का मान, सिंधु से लेकर चानू तक ये हैं टॉप एथलीट

Tue, 08 Mar 2022 06:26 AM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पिछले एक साल में कई महिलाएं देश का नाम रोशन कर चुकी हैं। पीवी सिंधु से लेकर मीराबाई चानू तक कई खिलाड़ियों ने अपने खेल से दुनिया में भारत का लोहा मनवाया है। यहां हम ऐसी ही महिलाओं के बारे में बता रहे हैं। 
 
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पीवी सिंधु, सविता पुनिया और निखत जरीन - फोटो : सोशल मीडिया
महिला विश्व कप में भारतीय टीम पाकिस्तान को हराकर पिछले साल टी-20 विश्व कप में पुरुष टीम को मिली हार का बदला ले चुकी है। महिला टीम ने 107 रन से हराकर भारत का सर गर्व से ऊंचा कर दिया है। टीम की इस जीत ने महिला दिवस को और खास बना दिया है। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब भारत की महिलाओं ने देश का मान बढ़ाया है। इससे पहले भी कई बार महिला खिलाड़ी देश का नाम रोशन कर चुकी हैं। यहां हम ऐसी ही महिला खिलाड़ियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने पिछले एक साल में देश को गौरवान्वित किया है। 
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पीवी सिंधु

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पीवी सिंधु - फोटो : twitter@BAI_media
सिंधु को 2021 स्विस ओपेन के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन टोक्यो ओलंपिक में उन्हें एंबेसडर चुना गया। किसी भारतीय खिलाड़ी को यह जिम्मेदारी मिलना बड़ी बात थी। इस ओलंपिक में उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया। वे दूसरी महिला खिलाड़ी बनीं, जिन्होंने दूसरी बार ओलंपिक के सेमीफाइनल में जगह बनाई। सिंधु 2021 बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंचीं और ऐसा करने वाली सिर्फ दूसरी महिला खिलाड़ी बनीं। इसके बाद सैयद मोदी इंटरनेशनल में भी उन्होंने जीत हासिल की। 
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मीराबाई चानू

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मीराबाई चानू - फोटो : सोशल मीडिया
2020 टोक्यो ओलंपिक में देश को पहला पदक दिलाने वाली मीराबाई चानू ने पिछले एक साल में कई बार देश सिर गर्व से ऊंचा कर चुकी हैं। उन्होंने अप्रैल 2021 में एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने 119 किलोग्राम वजन उठाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। जून 2021 में वो पहली भारतीय महिला वेटलिफ्टर बनीं, जिन्होंने 2020 ओलंपिक में जगह बनाई। टोक्यो ओलंपिक में भी उन्होंने रजत पदक जीतकर भारत के लिए शानदार शुरुआत की थी।

लवलीना बोरगोहेन

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लवलीना ने 69 किलोग्राम वर्ग में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था। - फोटो : सोशल मीडिया
लवलीना बोरगोहेन असम की तीसरी मुक्केबाज हैं, जिन्होंने ओलंपिक में पदक जीता है। उन्होंने साल 2021 में ओलंपिक में देश के लिए कमाल का प्रदर्शन किया। उनके बेहतरीन खेल की बदौलत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम ऊंचा हुआ। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक अपने नाम किया। आने वाले समय में उनसे सभी को और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। लवलीना मेरीकॉम के बाद बॉक्सिंग की दुनिया में भारत की नई उम्मीद बनकर उभरी हैं। 
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निखत जरीन

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निखत जरीन - फोटो : सोशल मीडिया
25 साल की निखत जरीन अपने युवा करियर में कई बार देश का नाम ऊंचा कर चुकी हैं। आने वाले समय में उनसे देश को लगातार अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। इस साल उन्होंने सतरंजा मेमोरियल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में यूक्रेन की टेटिना कॉब को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने यूक्रेन के खिलाड़ी को 4-1 से हराकर एकतरफा अंदाज में यह मैच जीता था। उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है। 
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सविता पुनिया

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सविता पुनिया - फोटो : सोशल मीडिया
भारत की महिला हॉकी टीम की कप्तान सविता पुनिया भी कई मौकों पर देश का मान बढ़ा चुकी हैं। हाल ही में स्पेन के खिलाफ दो मैचों की सीरीज के लिए उन्हें भारतीय टीम की कप्तान बनाया गया था और आने वाले समय में भी उन्हें यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। सविता की टीम ने टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था, लेकिन पदक नहीं जीत पाई थी। हालांकि, महिला टीम ने अपने प्रदर्शन से देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया था। इसमें सविता का योगदान बहुत अहम था। 

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