अटलांटा ओलंपिक 1996 में एकल में कांस्य पदक जीतने वाले पेस ने कहा कि वह एक और पदक जीतने के लिये कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं। यह केवल भागीदारी से जुड़ा नहीं है। आप मुझे जानते हैं। अगर मैं ओलंपिक में जा रहा हूं तो जीतने के लिए जा रहा हूं केवल नंबर बढ़ाने के लिए नहीं। उम्र केवल एक संख्या है। टेनिस की गेंद इंसान की उम्र नहीं जानती। वह शक्ति और कौशल जानती है। यह मायने रखता है।'
पेस से पूछा गया कि वह दिविज शरण या रोहन बोपन्ना में से किसे ओलंपिक में अपना जोड़ीदार बनाना चाहेंगे, उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक ओलंपिक की बात है तो फिर मैं किस जोड़ीदार के साथ खेलू, जब तक भारत के रिकार्ड की बात है तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है। ’’
पेस ने कहा कि उन्हें रोहन, दिविज या मिश्रित युगल में अंकिता रैना के साथ खेलने में कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा, 'जैसे कि पूर्व में मैं महेश (भूपति), रोहन और सानिया (मिर्जा) के साथ ओलंपिक में खेला हूं। मैंने जो कुछ किया वह अपने तिरंगा के लिए किया है अपने देश के लिए किया है।'