फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश को दिलाए 9 मेडल, जानिए ऐसा क्या हुआ कि विकास गौड़ा ने अचानक छोड़ दिया एथलेटिक्स

Thu, 31 May 2018 02:21 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 9
विकास गौड़ा
देश के दिग्गज डिस्कस थ्रोअर विकास गौड़ा ने बुधवार को एथलेटिक्स की दुनिया से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता विकास पिछले 15 सालों से देश में डिस्कस थ्रो में अपना लोहा मनवाए हुए थे। सन्यास लेने के वक्त भी 66.28 मीटर का राष्ट्रीय कीर्तिमान अभी भी उनके नाम है। 
विज्ञापन

2 of 9
विकास गौड़ा
34 वर्षीय इस एथलीट के पिता शिवे गौड़ा ने बताया कि विकास को लगता है कि उनके रिटायरमेंट लेने का यह बिल्कुल सही समय है। हालांकि कॉन्टिनेंटल गेम्स से पहले विकास के यूं अचानक रिटायरमेंट लेने से फैंस को बड़ा झटका लगा है।
विज्ञापन

3 of 9
vikas gowda
वहीं विकास ने अपने रिटायरमेंट लेने की वजह का भी खुलासा किया है। दो बार कॉमनवेल्थ चैंपियन और एशियन गेम्स में मेडलिस्ट विकास अब हायर एजुकेशन के विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं।

4 of 9
vikas gowda
विकास के पिता शिवे गौड़ा ने बताया कि विकास चैपल हिल स्थित नॉर्थ कैलीफोर्निया की यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री करना चाहते हैं। खेल से रिटायरमेंट लिए बिना विकास का पढ़ाई के मैदान में बाजी मारना मुश्किल लग रहा था।
विज्ञापन

5 of 9
vikas gowda
विकास ने एक मेल के जरिए  एथेलिटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया को अपने इस्तीफे की जानकारी दी। विकास ने बुधवार को एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया को सूचना दी कि उन्होंने सन्यास लेने का फैसला लिया है। जिसकी घोषणा फेडरेशन ने ट्वीटर पर कर दी।
विज्ञापन

6 of 9
vikas gowda
हालांकि विकास पिछले काफी समय से चोटों से जूझ रहे थे।  बता दें कि 66.28 मीटर का राष्ट्रीय कीर्तिमान अभी भी विकास के नाम ही है। बीते वर्ष भुवनेश्वर एशियाई चैंपियनशिप के बाद से उन्होंने किसी भी कंपटीशन में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के लिए उन्होंने ट्रायल में उतरने से छूट मांगी थी, लेकिन फेडरेशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें इसकी छूट नहीं दी। 
विज्ञापन

7 of 9
vikas gowda
विकास का कहना था कि वह अमेरिका में ही क्वालीफाइंग मार्क हासिल कर लेंगे, लेकिन फेडरेशन ने कहा कि उन्हें ट्रायल में खेलना ही पड़ेगा। नतीजा यह निकला कि विकास ट्रायल में खेलने के लिए नहीं आए और उन्हें गोल्ड कोस्ट के लिए टीम में नहीं चुना गया। जकार्ता एशियाई खेलों के लिए भी फेडरेशन ने साफ कर दिया था कि नीरज चोपड़ा को छोड़ सभी एथलीटों को हर हाल में ट्रायल में खेलना होगा। इस घोषणा के बाद ही विकास ने सन्यास की घोषणा की है। 

8 of 9
vikas gowda
2010 के राष्ट्रमंडल और 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में रजत जीतने वाले विकास के पिता शिवा गौड़ा उनके कोच रहे। वह छह साल की उम्र में पिता के साथ मैरीलैंड (अमेरिका) चले गए। विकास ने चार ओलंपिक भारत के लिए खेले। लंदन ओलंपिक में उन्होंने फाइनल में भी जगह बनाई।
विज्ञापन

15 साल के करियर में विकास अपने नाम एक से बढ़कर एक रिकॉर्ड दर्ज किए। 

9 of 9
vikas gowda
नेशनल रिकॉर्ड होल्डर-66.28
चार बार ओलंपिक में शिरकत (2004, 2008, 2012 और 2016)
गोल्ड मेडल-कॉमनवेल्थ गेम्स 2014
गोल्ड मेडल-एशियन चैंपियनशिप 2013 और 2015
सिल्वर मेडल-एशियन चैंपियनशिप 2011
सिल्वर मेडल-कॉमनवेल्थ गेम्स 2010
सिल्वर मेडल- एशियन गेम्स 2014
ब्रॉन्ज मेडल-एशियम गेम्स 2010
ब्रॉन्ज मेडल-एशियन चैंपियनशिप 2005 और 2017
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें