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'मुकाबलों को अपने हक में कैसे करें, इसलिए कर रही हूं कड़ी मेहनत'

Wed, 12 Dec 2018 05:55 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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Sakshi Malik
भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक का यह सीजन काफी खराब रहा जिसके बाद वह मैट पर अंत में मुकाबलों को अपने हक में करने के लिए कड़ी मेहनत में जुटी हैं। साक्षी को पूरे वर्ष निराशाजनक नतीजों का सामना करना पड़ा। 
 
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साक्षी मलिक - फोटो : file photo
कॉमनवेल्थ गेम्स में वह पहले ही दौर में बाहर हो गई, लेकिन रेपेचेज के जरिए कांस्य पदक जीतने में सफल रही। रोहतक की इस पहलवान ने एशियाई चैम्पियनशिप में एक और कांस्य पदक अपने नाम किया लेकिन वह यासर दोगू अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक दौर तक पहुंचने से पहले बाहर हो गईं। 
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sakshi malik - फोटो : file photo
एशियाई खेलों में यही खराब प्रदर्शन जारी रहा जिसमें साक्षी खाली हाथ लौटी और वह विश्व चैम्पियनशिप में भी निराशाजनक तरीके से बाहर हो गईं। साक्षी ने पीटीआई से कहा, 'मैं अपनी सभी बाउट का विश्लेषण करती हूं, चाहे मैंने इन्हें जीता हो या इनमें हारी हूं। मैं अपनी गलतियों को देखती हूं कि मैंने अंक कहां गंवाया और इसे सुधारने की कोशिश करती हूं। मेरे वजन के अनुसार मेरे अंदर काफी ताकत है और कुश्ती में ताकत व तकनीक का अच्छा तालमेल होता है। आप सिर्फ एक चीज पर निर्भर नहीं कर सकते, आपके अंदर दोनों होनी चाहिए।'

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sakshi malik - फोटो : file photo
रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता पहलवान ने इस साल अपनी ज्यादातर बाउट गंवा दी जिसमें वह अंतिम क्षणों में राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों से बाहर हुई थीं। साक्षी ने कहा, 'मैं इस बात पर ध्यान लगा रही हूं कि बाउट के अंत में किस तरह चीजों को शांत रखा जाए। अंत के कुछ सेकेंड बहुत अहम होते हैं। मैं अंत में मैच गंवा रही हूं। मुझे खुद का ध्यान इसी पर लगाना होगा।'
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Sakshi Malik In Chandigarh - फोटो : File photo
साक्षी को राष्ट्रीय महासंघ ने ग्रेड बी का अनुबंध प्रदान किया है जिसमें एक साल में 20 लाख रूपये की वित्तीय मदद दी जायेगी लेकिन यह 26 साल की पहलवान इससे परेशान नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं कोई दबाव महसूस नहीं कर रही हूं। यह ग्रेड प्रदर्शन पर आधारित है और मैं इस समय अच्छा नहीं कर रही हूं इसलिए इसमें नीचे हूं। एक बार मैं अच्छा करना शुरू कर दूंगी तो फिर से वापसी कर लूंगी। ग्रेड पदकों पर निर्भर करता है।' इनपुट-भाषा
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