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कबड्डी के 'विश्व गुरू' भारत से सीखकर उसी पर हावी हो रहे विदेशी, गोल्ड गंवाकर चुकानी पड़ी कीमत

Fri, 24 Aug 2018 07:42 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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indian women kabaddi team
कबड्डी में महारथी माने जाने वाले भारत को एशियाई खेलों में पुरूष और महिला टीमों को ईरान से मिली हार लंबे समय तक याद रहेगी, लेकिन महिला टीम के कोच श्रीनिवास रेड्डी को मानना है कि यह अब वैश्विक खेल बन गया है।
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srinivas reddy
एशियाई खेलों के इतिहास में पहली बार भारत कबड्डी में बादशाहत कायम करने में सफल नहीं रहा। ईरान ने महिलाओं के फाइनल में भारत को 27-24 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। भारतीय पुरूष टीम को कल सेमीफाइनल में ईरान से 18-27 से हार का सामना करना पड़ा था। पुरूष टीम हालांकि कांस्य पदक जीतने में सफल रही थी।
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कबड्डी1 - फोटो : file photo
रेड्डी ने कहा कि भारतीय टीम अब अपने विरोधियों को हलके में नहीं ले सकती क्योंकि वे हमारे खेल को करीब से देख रहे हैं। हां, इस हार से दुख हो रहा है क्योंकि हम यहां स्वर्ण पदक की हैट्रिक लगाने आए थे। यह खेल अब वैश्विक हो गया है। दूसरी टीमें भी अब अपने मौके तलाश रही है। यह अब ओलंपिक खेल बनने की ओर है।

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indian women kabaddi team
उन्होंने कहा, 'चीनी ताइपे ने 2014 में यह खेल खेलना शुरू किया, लेकिन वह इस बार पोडियम (कांस्य पदक) पर है। इसका यह मतलब है कि ये खेल तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह कबड्डी की जीत है। ईरान की महिला टीम की कोच भारत की शैलजा जैन थी, लेकिन भारतीय कोच ने कहा कि इसका श्रेय उन लोगों को जाता है जिन्होंने टीम को नीचले पायदान से खड़ा किया।'
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कबड्डी - फोटो : file photo
उन्होंने कहा, 'कई भारतीय कोच वहां गए हैं, लेकिन उनके लिए यह कई वर्षों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। किसी कोच के पास कोई जादू नहीं हैं कि टीम को छह महीने में बदल दें। उन्हें इसका श्रेय इसलिए मिल रहा क्योंकि टीम ने उनके रहते जीत दर्ज की।'
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