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तुम जियो हजारों सालः देखें, साक्षी के स्टार बनने से पहले की तस्वीरें

Sat, 03 Sep 2016 06:53 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
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साक्षी मलिक(गोद में) अपनी मां के साथ - फोटो : google
आज भारत को रियो ओलंपिक में पहला पदक दिलानेे वाली महिला पहलवान और खेल रत्न साक्षी मलिक का जन्म दिन है। साक्षी का जन्म 3 सितंबर 1992 को हरियाणा के रोहतक जिले में हुआ था। जानते हैं देश का गौरव बढ़ाने वाली साक्षी के जीवन की कुछ खास बातें।



 
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पिता के साथ साक्षी मलिक

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साक्षी मलिक पिता के साथ - फोटो : google
साक्षी मलिक का जन्म 3 सितंबर 1992 को रोहतक जिले के मोखरा गांव में हुआ था। उनकी मां वहीं के आंगनवाड़ी में सुपरवाइजर का काम करती थीं। 
जबकि पिता सुखबीर मलिक दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) में बस कंडक्टर का काम करते हैं। पिता के मुताबिक साक्षी को कुश्ती की प्रेरणा दादा बदलू राम से मिली थी जो पहलवान थे। 
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मां लेकर गईं थीं रोहतक के छोटूराम स्टेडियम

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साक्षी मलिक - फोटो : getty
बचपन में उनकी मां उन्हें रोहतक के छोटूराम स्टेडियम लेकर गईं थीं। पूरा स्टेडियम घूमने के बाद साक्षी को पहलवानों की ड्रेस पसंद आई तो उन्होंने पहलवानी करने की इच्छा जताई। उस वक्त उनकी उम्र महज 12 साल थी। 

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में जीता पदक

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साक्षी मलिक - फोटो : getty
साक्षी ने साल 2014 में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था। तब वह स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं थीं।


 
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ईश्वर दहिया ने सिखाए कुश्ती के दांव

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कोच ईश्वर दहिया के साथ साक्षी मलिक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
ईश्वर दहिया उनके निजी कोच हैं, उन्होंने साक्षी को कुश्ती के दांव पेंच सिखाए। रियो से पहले साल 2015 में दोहा में आयोजित एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में साक्षी ने कांस्य पदक हासिल किया था।  

 
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प्रधानमंत्री से गर्मजोशी से मिलीं

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साक्षी मलिक - फोटो : getty
रियो जाने से पहले जब भारतीय खिलाड़ियों के दल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की थी तब साक्षी उनसे बड़ी गर्म जोशी के साथ मिलीं थीं, उस वक्त यह किसी ने नहीं सोचा था कि रियो से जब वह पदक जीतकर देश वापस लौटेंगी तो प्रधानमंत्री क्या देश के हर व्यक्ति की जुबान पर साक्षी मलिक का नाम होगा।
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किरगिस्तान की पहलवान को हराकर जीता कांस्य

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साक्षी मलिक - फोटो : PTI
रियो में महिलाओंं के 58 किग्रा वर्ग के रेपचेप दौर में किरगिस्तान की पहलवान को अंतिम क्षणों में मात देकर भारत के लिए रियो ओलंपिक में पहला पदक जीता और हमेशा के लिए भारतीय खेल इतिहास का अटूट हिस्सा बन गईं। 

रियो में लहरा दिया तिरंगा

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साक्षी मलिक - फोटो : PTI
जीत की घोषणा होते ही साक्षी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, कोच ने उन्हेंं अपने कंधों पर उठा लिया, कोच के कंधों पर बैठकर साक्षी ने वहां उपस्थित लोगों और देशवासियों का अभिवादन किया।

खेल इतिहास में साक्षी का नाम हमेशा स्वर्ण अक्षरों लिखा जाएगा

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साक्षी मलिक - फोटो : PTI
साक्षी किसी भी ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान हैं। उनसे पहले के डी जाधव, सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त भारत के लिए कुश्ती में ओलंपिक  पदक जीत चुके हैं। ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बावजूद भारतीय खेल इतिहास में साक्षी का नाम हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। 

मिला देश का सबसे बड़ा खेल पुरस्कार

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साक्षी मलिक - फोटो : getty
रियो से लौटने के बाद साक्षी को पीवी सिंधू, जीतू राय और दीपा कर्माकर के साथ भारत के सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित किया गया।

क्रिकेट के भगवान भी हुए कायल

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साक्षी मलिक - फोटो : twitter
क्या आम क्या खास अब हर कोई साक्षी का दीवाना है. अब हर देश के हर बच्चे की जुबान पर साक्षी मलिक का नाम है। क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर भी उनके मुरीद हो गए हैं। साक्षी ने ओलंपिक में पदक जीतकर उस मान्यता को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है कि कुश्ती लड़कियों का खेल नहीं है। 
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साक्षी पूरे देश को तुम पर गर्व है। 

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- फोटो : amar ujala
रियो में साक्षी को पदक जीतता देख हर कोई एक बार फिर उस पल का साक्षी बना कि लड़कियों के लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं हैं। लड़कियां लड़कों से दो कदम आगे बढ़कर अपने परिवार, गांव, शहर, राज्य और देश का नाम रोशन कर सकती हैं। साक्षी पूरे देश को तुम पर गर्व है। 
तुम जियो हजारों साल साल के दिन हों पचास हजार....जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं...
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