यह जीत करमन के करियर की अब तक की सबसे बड़ी एकल खिताबी जीत है। इसने उन्हें महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) रैंकिंग में 217वें स्थान पर पहुंचा दिया है। उन्होंने 91 स्थानों की छलांग लगाई है।
कनाडा के सगुएने में डब्ल्यू 60 आईटीएफ इवेंट में अपनी हालिया जीत के बाद करमन कौर थांडी अब भारत की नंबर-1 महिला एकल टेनिस खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने अंकिता रैना को पीछे छोड़ दिया है। यह जीत करमन के करियर की अब तक की सबसे बड़ी एकल खिताबी जीत है। इसने उन्हें महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) रैंकिंग में 217वें स्थान पर पहुंचा दिया है। उन्होंने 91 स्थानों की छलांग लगाई है। ओलंपियन अंकिता अब 13 स्थान नीचे खिसककर 297वें स्थान पर आ गई हैं।
करमन ने 2018 में अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 196 रैंकिंग हासिल की थी। सगुएने में जीत करमन का तीसरा एकल खिताब है। इस साल उन्होंने दूसरी बार एकल खिताब अपने नाम किया है। उन्होंने जून में गुरुग्राम में डब्ल्यू 25 टूर्नामेंट जीता था।
करमन ने 2018 में हांगकांग में अपना पहला एकल खिताब जीता था। कनाडा के सगुएने में डब्ल्यू 60 आईटीएफ इवेंट के फाइनल में करमन ने कनाडा की कैथरीन सेबोव को 3-6, 6-4, 6-3 से हराया।
करमन का जन्म 16 जून 1998 को हुआ है। वह महानतम टेनिस खिलाड़ी स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को अपना आदर्श मानती हैं। करमन सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। 2018 में एशियाई खेलों के दौरान दिविज सरन के साथ वह टूर्नामेंट में शामिल हुई थीं। तब वह तीसरे दौर में बाहर हो गई थीं।
करमन के लिए टेनिस में करियर बनाना आसान नहीं था। विराट कोहली फाउंडेशन और महेश भूपति फाउंडेशन ने उनकी मदद की। भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों के खिलाड़ियों की मदद करते हैं।