मैच का नतीजा, टीमों की रैंकिंग और मैच की अहमियत। इससे टीमों को ज्यादा अंक तो मिलेंगे ही और इससे टीमों को ज्यादा मैच खेलने को बढ़ावा मिलेगा। एफआईएच रैंकिंग को आंकने के लिए नए सिस्टम से टीमों की मौजूदा स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
हर देश 2020 का आगाज पिछली रैंकिंग स्थिति और 2019 में उसने जितने रैंकिंग अंको के साथ समापन किया है, उसी से करेगा। नया मॉडल उस ईएलओ रेटिंग सिस्टम पर आधारित है जो अन्य खेलों में रैंकिंग सिस्टम का आधार है। जब दो देश एक दूसरे के खिलाफ मैच खेलेंगे तो दोनों देशों के बीच अंकों का आदान प्रदान होगा।
एक मैच में एक टीम जितने अंक हासिल करेगी दूसरी टीम उतने ही अंक गंवाएगी। टीम को अपने से उपर की रैंकिंग की टीम को हराने पर ज्यादा अंक मिलेंगे। वहीं टीम यदि अपने से कम अंक रैंकिंग वाली टीम से हारती वह ज्यादा अंक गंवाएगी।
यदि टीम अपने से कम रैंकिंग वाली टीम को हराती है तो उसे कम अंक मिलेंगे। यदि टीम अपने से उपर रैंकिंग वाली टीम से हारती है तो वह कम अंक गंवाएगी। यदि मैच ड्रॉ रहता है तो निचली रैंकिंग वाली टीम को कम अंक मिलेंगे और उंची रैंकिंग वाली टीम उतने ही अंक गंवाएगी।
कितने अंक दिए जाएंगे इसका फैसला अंक मैच के नतीजे (जीत,हार, शूटआउट, जीत/हार अथवा ड्रॉ), मैच की अहमियत (बड़े टूर्नामेंट का हिस्सा, अथवा उदाहरण के लिए टेस्ट सीरीज ) और मैच से पहले दोनों टीमों के बीच रैंकिंग अंको में अंतर से तय होगा।