जानिए क्यों विदेश में तोड़ी गई थी ध्यानचंद की हॉकी स्टिक

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टीम डिजिटल/ अमर उजाला

Hockey Stick of Major Dhyanchand Was Broken in Netherlands

दुनिया में हॉकी में ध्यानचंद को वही मुकाम हासिल है, जो क्रिकेट में डॉन ब्रैडमैन को और फुटबॉल में पेले को है। आज अपने दद्दा यानी हॉकी के 'जादूगर' मेजर ध्यानचंद का 111वां जन्मदिन है। 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद में जन्में ध्यानचंद मात्र 16 साल की उम्र में ही ब्रिटिश आर्मी में भर्ती हो गए थे। उन्हें हॉकी से पहले ही लगाव था। 1948 में अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले ध्यानचंद ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 400 से भी ज्यादा गोल दागे हैं। उनके जन्मदिन पर पढ़ें इस महान खिलाड़ी के करियर से जुड़ी 10 बेहद खास बातें। दुनिया में हॉकी में ध्यानचंद को वही मुकाम हासिल है, जो क्रिकेट में डॉन ब्रैडमैन को और फुटबॉल में पेले को है। आज अपने दद्दा यानी हॉकी के 'जादूगर' मेजर ध्यानचंद का 111वां जन्मदिन है। 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद में राजपूत परिवार में जन्में ध्यानचंद मात्र 16 साल की उम्र में ही ब्रिटिश आर्मी में भर्ती हो गए थे। उन्हें हॉकी से पहले ही लगाव था। 1948 में अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले ध्यानचंद ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 400 से भी ज्यादा गोल दागे हैं। उनके जन्मदिन पर पढ़ें इस महान खिलाड़ी के करियर से जुड़ी 10 बेहद खास बातें।  
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