भारत के स्टार फुटबालर सुनील छेत्री का मानना है कि पिछले 10 साल में देश ने इस खेल में प्रगति की है लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर विकास और प्रतिभा खोज के मामले में एशिया की मजबूत टीमों से काफी पीछे है। छेत्री ने कहा कि एशिया की मजबूत टीमों के साथ अंतर को पाटने और महाद्वीप में शीर्ष 10 में जगह बनाने के लिए अब भी काफी काम करने की जरूरत है।
राष्ट्रीय फुटबाल टीम के कप्तान छेत्री ने पीटीआई से कहा कि, ‘जमीनी स्तर ही नहीं बल्कि भारतीय फुटबाल का संपूर्ण विकास अच्छा हुआ है। मुश्किल स्थिति यह है कि एशिया में शीर्ष 10 में जगह बनाना अब भी दूर की बात है।
हमने कितनी भी तेजी से सुधार किया हो, एशिया के अन्य मजबूत देशों की तुलना में यह सुधार छोटा ही नजर आता है। हम जहां पहुंचना चाहते हैं वह अभी दूर है लेकिन हम सही दिशा में जा रहे हैं।’
उन्होंने कहा कि, ‘हम प्रतिभा की पहचान करने, बुनियादी ढांचे, युवा खिलाड़ियों के लिए पौष्टिक भोजने सुनिश्चित करने के मामले में काफी अच्छे नहीं हैं। हम उस स्तर पर नहीं पहुंचे हैं। पिछले 10 साल की तुलना में हम कहीं बेहतर हैं, लेकिन अब भी लंबा रास्ता तय करना है। यह खुद को बधाई देने और संतुष्ट होने का समय नहीं है। हमें कड़ी मेहनत जारी रखनी होगी।’