फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फीफा विश्व कप 2018 में हुआ वह सबकुछ, जिसे फैंस कभी भूल नहीं पाएंगे!

Tue, 17 Jul 2018 05:50 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 13
france world cup
विश्व कप फुटबॉल में 32 दिनों के घमासान के बाद फ्रांस के रूप में नया चैंपियन मिल गया। कई नए सितारे उबरे तो कई दिग्गजों की चमक फीकी पड़ी। रोमांचक मुकाबलों की नई पटकथाएं लिखी गईं तो कई यादगार गोल लंबे समय के लिए फुटबॉल प्रेमियों की यादों का हिस्सा बन गए। नई तकनीक, नए जश्न के साथ कारवां ने अब कतर की ओर कूच कर दिया है, लेकिन सुनहरी यादों के शानदार तोहफे के लिए शुक्रिया रूस। चलिए जानते हैं कि विश्व कप 2018 में ऐसा क्या-क्या खास हुआ, जिसने भूलना मुश्किल है:
विज्ञापन

2 of 13
france peru
64 में से एक मैच में नहीं हुआ गोल : विश्व में कुल 64 मैच हुए जिनमें 169 गोल हुए। तीसरे स्थान पर रही बेल्जियम की टीम ने सर्वाधिक16 गोल दागे। दूसरी बार विजेता बने फ्रांस और डेनमार्क के बीच ग्रुप चरण का एकमात्र मैच ऐसा रहा, जिसमें कोई गोल नहीं हुआ। प्रति मैच में गोल का औसत 2.6 रहा। पनामा एकमात्र ऐसी टीम रही जिसने अपने तीनों मैच हारे।
विज्ञापन

3 of 13
एंटोनी ग्रीजमैन
29 रिकॉर्ड पेनल्टी : वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) सिस्टम की वजह से सबसे ज्यादा पेनल्टी (29) हुईं। इससे पहले तक 2002 (18) में सबसे ज्यादा पेनल्टी हुई थीं। सबसे ज्यादा पेनल्टी पर गोल गोल्डन बूट जीतने वाले इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन किए। उनके छह गोल में से तीन पेनल्टी से हुए। 

4 of 13
Mbappe
19 साल के मबापे नए पेले  : फ्रांस के कायलिन मबापे (19 साल, 207 दिन) में विश्व कप फाइनल में पिछले 60 साल में गोल दागे वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। इससे पहले ब्राजील के पेले (17 साल, 249 दिन)1958 में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले युवा खिलाड़ी बने थे।
विज्ञापन

5 of 13
इसाम इल हैदरी
45 साल के हैदरी : मिस्र के गोलकीपर इसाम इल हैदरी (45 साल, 161) विश्व कप में पदार्पण करने और खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने। हैदरी ने कोलंबिया के गोलकीपर फरीद मोंड्रेगेन (43 साल, 3 दिन) का रिकॉर्ड तोड़ा। फरीद ने 2014 में ब्राजील विश्व कप में ऐसा किया था।
विज्ञापन

6 of 13
क्रोएशिया
बाजीगर क्रोएशिया : क्रोएशिया भले ही फाइनल में फ्रांस से हार गया, लेकिन वह इस विश्व कप का सबसे बड़ा बाजीगर साबित हुआ। लुका मोड्रिक की अगुआई वाली टीम विश्व कप में पिछड़ने के बाद अतिरिक्त समय में (03) सर्वाधिक मैच जीतने वाली पहली टीम बनी।
विज्ञापन

7 of 13
क्रोएशिया फैंस
हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रफल जितना क्रोएशिया : क्षेत्रफल में हिमाचल प्रदेश जितने बड़े क्रोएशिया की जनसंख्या सिर्फ 40 लाख है। विश्व कप शुरू होने से पहले किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि वह फाइनल तक पहुंचेगा पर अपने शानदार प्रदर्शन से उसने सभी तक दिल जीत लिया। उरुग्वे (1950) के 68 साल बाद कोई इतना छोटा देश विश्व कप के खिताबी मुकाबले में पहुंचा हालांकि वह विश्व विजेता बनने से चूक गया। 

8 of 13
रेड कार्ड
पिछले 40 साल में सबसे कम रेड कार्ड : वीएआर सिस्टम की वजह से खिलाड़ियों ने ज्यादा नियम नहीं तोड़े। अति आक्रामक रैवये और दुर्व्यवहार के चलते किसी को रेड कार्ड नहीं दिखाया गया। सिर्फ चार खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाए गए जोकि पिछले 40 साल के इतिहास में सबसे कम हैं। पहला रेड कार्ड कोलंबिया के कार्लोस सांचेज को तो अंतिम स्विट्जरलैंड के माइकल लांग को दिखाया गया।

9 of 13
FIFA FINALS
पहली बार फाइनल में मैदान में घुसे दर्शक : पहली बार रूस की मेजबानी में हुए विश्व कप में पहली बार ऐसा हुआ जब खिताबी मुकाबले के दौरान दर्शक मैदान में घुस आए। इससे कुछ समय के लिए मैच बाधित हुआ।

10 of 13
आइसलैंड
सवा तीन लाख की आबादी आइसलैंड : आइसलैंड विश्व कप खेलने वाला सबसे छोटा देश बना। कुल 3 लाख 34 हजार की आबादी वाले इस देश ने ग्रुप डी के अपने पहले ही मुकाबले में दो बार की पूर्व चैंपियन अर्जेंटीना को एक-एक से बराबरी पर रोककर सनसनी मचा दी थी। हालांकि अगले दोनों मुकाबलों में उसे क्रोएशिया और नाइजीरिया से हार मिली। इससे पहले यह रिकॉर्ड त्रिनिदाद एंड टोबैगो (2006) के नाम था जिसकी आबादी13 लाख थी।

11 of 13
डबल ईगल जश्न
डबल ईगल जश्न: स्विट्जरलैंड के शेरडन शकीरी और ग्रेनिथ जाका ने सर्बिया के खिलाफ गोल करने के बाद ईगल चिन्ह बनाकर राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया। दोनों खिलाड़ी कोसोवा मूल के हैं, जो कभी सर्बिया का प्रांत रहा था। कोसोवा अपने को अलग मानता है जबकि सर्बिया उसे मान्यता नहीं देता।

12 of 13
निकोला कालिनिच
कालिनिच को घर भेजा: नाइजीरिया के खिलाफ महत्वपूर्ण मैच में क्रोएशिया के स्ट्राइकर निकोला कालिनिच ने अतिरिक्त खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर उतरने से मना कर दिया। उन्हें घर भेज दिया गया।
विज्ञापन

13 of 13
वार
वीएआर पर भी उठी अंगुलियां: पहली बार फीफा विश्व कप में वीएआर का इस्तेमाल किया गया। ईरान के खिलाफ रोनाल्डो को फाउल के बाद भी रेड कार्ड नहीं दिया। ईरानी टीम ने वीएआर पर सवाल उठा दिए। उन्होंने यहां तक कहा कि चार रेफरी जब इतना बड़ा फाउल नहीं देख सकते हैं तो कितने रेफरी लगाने पड़ेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें