फीफा वर्ल्ड कप का 21वां संस्करण 14 जून से 21 जुलाई तक रूस में शुरू होने जा रहा है। साल 2006 के बाद पहली बार किसी यूरोपियन देश में फुटबॉल वर्ल्ड कप होगा। इससे पहले साल 2006 में जर्मनी ने इसकी मेजबानी की थी। फुटबॉल वर्ल्ड कप न सिर्फ पश्चिमी देशों बल्कि भारत में भी काफी देखा जाने वाला टूर्नामेंट है।
इस साल कुल 32 टीमों को आठ ग्रुप में बांटा गया है। रूस में होने वाला फीफा वर्ल्ड कप 2018 11 बड़े शहरों के कुल 12 स्टेडियम्स में खेला जाएगा। आइए जानते हैं इन सभी स्टेडियम्स की खासियतों के बारे में....
लुझनिकी स्टेडियम (मोस्को)
कैपेसिटी: 81,006
कीमत: करीब साढ़े 27 हजार करोड़ रुपये
साल 1950 में बना यह स्टेडियम दुनिया के सबसे खूबसूरत स्टेडियम्स में से एक है। शुरुआत में एथलेटिक्स ट्रैक के लिए मशहूर हुआ यह स्टेडियम साल 1980 के ओलंपिक के बाद पूरी तरह से फुटबॉल स्टेडियम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्पार्ट स्टेडियम (मोस्को)
कैपेसिटी: 43,298
कीमत: करीब 17 हजार करोड़ रुपये
साल 2014 में फुटबॉल के लिए शुरू हुए इस स्टेडियम में रशियन प्रीमियर लीग चैंपियनशिप (2017) खेली गई थी। यह फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए बनाया गया पहला ऐसा स्टेडियम है जिसमें सरकारी पैसे का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
सेंट पीटर्सबर्ग स्टेडियम (सेंट पीटर्सबर्ग)
कैपेसिटी: 68,134
कीमत: करीब 49 हजार करोड़ रुपये
सेंट पीटर्सबर्ग का यह स्टेडियम कई शानदार मुकाबलों का पहले भी साक्षी बन चुका है। इसे दुनिया के सबसे खूबसूरत स्टेडियम्स में गिना जाता है।
फिश्ट स्टेडियम (सोची)
कैपेसिटी: 47,700
कीमत: करीब 27 हजार करोड़ रुपये
इस स्टेडियम को बनाने में करीब 27 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए थे। हालांकि बाद में इसे एक फुटबॉल स्टेडियम बनाने के लिए अलग से साढ़े 400 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
कजन एरिना स्टेडियम (कजन)
कैपेसिटी: 44,779
कीमत: करीब 17 हजार करोड़ रुपये
साल 2013 में शुरू हुए इस स्टेडियम को रशिया का पहला फर्स्ट न्यू जनरेशन फुटबॉल स्टेडियम कहा जाता है।
समारा एरिना स्टेडियम (समारा)
कैपेसिटी: 44,807
कीमत: करीब 21 हजार करोड़ रुपये
यह स्टेडियम समारा सिटी में मौजूद वोल्गा नदी के पास बना हुआ है। इस स्टेडियम को शानदार डिजाइन देने के लिए इसे बनाने में काफी ज्यादा समय लगा था।
निजनी नोवगोरोड स्टेडियम (निजनी नोवगोरोड)
कैपेसिटी: 45,331
कीमत: करीब 21 हजार करोड़ रुपये
रशिया के इस सबसे सुदर स्टेडियम में इस साल फीफा वर्ल्ड कप का क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेला जाएगा।
रोस्टो एरिना स्टेडियम (रोस्टो ऑन डॉन)
कैपेसिटी: 45,145
कीमत: करीब 21 हजार करोड़ रुपये
दिखने में यह स्टेडियम बेशक काफी सुंदर है, लेकिन गर्मी के दिनों में यहां का मौसम खिलाड़ियों और यहां आए दर्शकों के लिए काफी सिरदर्दी भरा बना रहता है। दरअसल तापमान बहुत ज्यादा होने की वजह से यहां बहुत ज्यादा गर्मी रहती है।
वोल्गोग्राड एरिना स्टेडियम (वोल्गोग्राड)
कैपेसिटी: 45,568
कीमत: करीब 22 हजार करोड़ रुपये
इस स्टेडियम का डिजाइन बेहद आकर्षक है, लेकिन इसकी रूफ लाइन इतनी नीचे है कि दर्शकों को मैच देखने में काफी परेशानी होती है। हालांकि इसे सुधारने के लिए इस पर विचार किया जा रहा है।
एकातेरिनबर्ग एरिना स्टेडियम (याकेंतेरिनबर्ग)
कैपेसिटी: 35,696
कीमत: करीब 15 हजार करोड़ रुपये
याकेंतेरिनबर्ग सिटी में बना यह स्टेडियम यूरल माउंटेन के काफी नजदीक है। इस वजह से यहां का टेंपरेचर 25 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाता है।
मोर्दोविया एरिना स्टेडियम (सांरास्क)
कैपेसिटी: 44,442
कीमत: करीब 20 हजार करोड़ रुपये
तीस लाख की आबादी वाले सांरास्क शहर में इतना बड़ा स्टेडियम बनाना शुरुआत में काफी हैरान कर देने वाला फैसला था। दक्षिण-पूर्व में मोस्को सिटी से यह स्टेडियम करीब 10 घंटे की दूरी पर स्थित है।
कालिनीग्रैड स्टेडियम
कैपेसिटी: 35,212
कीमत: करीब 21 हजार करोड़ रुपये
इस स्टेडियम के आकर्षक डिजाइन को देखकर कोई यह नहीं कह सकता कि यह अब तक के सबसे तेजी से बनने वाले स्टेडियम्स में शुमार है। बेहद कम समय में बनने वाला यह स्टेडियम कई अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है।