फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Divya Deshmukh: पांच साल की उम्र से शतरंज खेल रहीं दिव्या देशमुख, 2021 में महिला ग्रैंडमास्टर का खिताब जीता

Tue, 22 Jul 2025 01:56 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नौ दिसंबर 2005 को नागपुर में जन्मीं दिव्या ने पांच साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। उनके माता-पिता डॉक्टर हैं। उनके पिता का नाम जितेंद्र और माता का नाम नम्रता है। आइए जानते हैं दिव्या देशमुख के करियर और उनकी उपलब्धियों के बारे में...
विज्ञापन
1 of 5
दिव्या देशमुख - फोटो : Divya Deshmukh Instagram
अंतरराष्ट्रीय मास्टर दिव्या देशमुख महिला शतरंज विश्व कप में अपने शानदार प्रदर्शन से एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। 19 साल की दिव्या ने इस टूर्नामेंट में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और टाईब्रेकर में हमवतन द्रोणावल्ली हरिका को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। दिलचस्प बात यह है कि दिव्या पहली बार विश्व कप में हिस्सा ले रही हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
दिव्या देशमुख - फोटो : instagram
विश्व युवा चैंपियन रही हैं दिव्या 
नौ दिसंबर 2005 को नागपुर में जन्मीं दिव्या ने पांच साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। उनके माता-पिता डॉक्टर हैं। उनके पिता का नाम जितेंद्र और माता का नाम नम्रता है। दिव्या ने 2012 में सात साल की उम्र में अंडर-7 नेशनल चैंपियनशिप जीती। इसके बाद उन्होंने अंडर-10 (डरबन, 2014) और अंडर-12 (ब्राजील, 2017) कैटेगरी में विश्व युवा खिताब भी जीते। इसके बाद 2014 में डरबन में आयोजित अंडर-10 वर्ल्ड यूथ टाइटल और 2017 में ब्राजील में अंडर-12 कैटेगरी में भी खिताब अपने नाम किए। उनकी निरंतर प्रगति ने उन्हें 2021 में महिला ग्रैंडमास्टर बना दिया और इसके साथ ही वह विदर्भ की पहली और देश की 22वीं महिला खिलाड़ी बनीं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।
विज्ञापन

3 of 5
दिव्या देशमुख - फोटो : ANI
2023 में दिव्या ने हासिल किया इंटरनेशनल मास्टर का खिताब
दिव्या ने 2023 में इंटरनेशनल मास्टर का खिताब भी प्राप्त कर लिया। 2024 में उन्होंने विश्व जूनियर गर्ल्स अंडर-20 चैंपियनशिप में भी परचम लहराया, जहां उन्होंने 11 में से 10 अंक जुटाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अलावा, 45वें चेस ओलंपियाड में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका रही। दिव्या एशियाई जूनियर चैंपियन भी हैं। दिव्या शतरंज की दुनिया में अब जाना-पहचाना नाम है। 

4 of 5
दिव्या देशमुख - फोटो : ANI
नंबर एक खिलाड़ी होउ यिफान को दे चुकीं हैं मात
दिव्या देशमुख इस साल फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज टीम शतरंज चैंपियनशिप में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी होउ यिफान को मात दे चुकी हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी तारीफ की थी। दिव्या ने 10 से 16 जून को लंदन में आयोजित फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज टीम चैंपियनशिप के सेमीफाइनल के दूसरे चरण में चीन की यिफान को हराया था। दिव्या के करियर की यह सबसे बड़ी जीत में से एक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
दिव्या देशमुख - फोटो : ANI
दिव्या के पास कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने का मौका
ओलंपियाड में तीन स्वर्ण, कई एशियाई और विश्व युवा खिताब। चेन्नई में शतरंज गुरुकुल में जीएम आरबी रमेश के तहत प्रशिक्षित दिव्या को उनकी तेज सामरिक दृष्टि, अडिग धैर्य और रचनात्मक प्रतिभा के लिए सराहा जाता है। दिव्या के पास अब कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने का मौका है। महिला विश्व कप में शामिल शीर्ष तीन खिलाड़ियों को कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में प्रवेश मिलना है। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का विजेता विश्व चैंपियन को चुनौती देता है। दिव्या की मौजूदा फिड रेटिंग 2463 है और वह भारतीय महिला शतरंज खिलाड़ियों में चौथे स्थान पर हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें