फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस तरह से करें पंचांगुली साधना, भविष्य को देखने की शक्ति होती है जागृत

Sun, 03 Sep 2017 06:50 AM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
विज्ञापन
1 of 5
कई बार घटने वाली घटना का अहसास पहले ही हो जाता है। कुछ लोग तो भविष्‍य के बारे में थोड़ा बहुत बता भी देते हैं, जो लगभग सही साबित होता है। आपके मन में भी ये सवाल जरूर उठता होगा कि आखिर कैसे इन्हें भविष्‍य के बारे में पता चल जाता है। इसका एक कारण साधना भी होती है, जिसमें व्यक्ति का मन एकाग्र होता है। इन्हीं साधना में से एक है पंचांगुली साधना, जिसकी पूरी होने पर व्य‍क्ति को भविष्य का आभास होता है।

ये भी पढ़ें- 11 दिनों तक‌ लगातार बोलें ये मंत्र, हर कोई मानने लगेगा आपकी बात
विज्ञापन

2 of 5
पंचांगुली साधना को त्रिकालदर्शी साधना भी कहा जाता है, जिसके 8 तत्व होते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस साधना को सिद्ध करने वाला व्यक्ति भूतकाल से लेकर भविष्यकाल तक देख लेता है।
विज्ञापन

3 of 5
इस साधना को शुक्ल पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी और पूर्णमासी को ही करें। ब्रह्म मुहूर्त में एकांत स्‍थल पर सात दिन पर इस साधना को करें।

ये भी पढ़ें- रोज बोलें सिर्फ ये 4 शब्द, कभी कमजोर नहीं होगी आपकी याददाश्त

4 of 5
पंचांगुली यंत्र व चिन्ह और स्फटिक माला, जो कि प्रतिष्ठायुक्त हो। पीले वस्‍त्रों में पीले आसन पर पूर्व दिशा की तरफ मुख बैठ जाएं। ध्यान रखें कि आपको गुरु चादर भी ओढ़ना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गणपति का ध्यान करके  पंचोपचार करके पूजर संपन्न करें और गुरु माला से गुरु मंत्र की एक माला का जाप करें।

ये भी पढ़ें- नदियों की गहराई में मिलता है ये पत्‍थर, धारण करने से छूमंतर हो जाती है टेंशन 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें